राष्ट्र की सुख समृद्धि एवं विश्व कल्याण के संकल्प के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में चल रहे नौ दिवसीय यज्ञो वै विष्णु: महानुष्ठान में मंगलवार को मुख्य आचार्य पं. जगन्नाथ शास्त्री के नेतृत्व में हनुमत व्रतम् की पूजा हुई। मंदिर परिसर के त्रयंबकेश्वर हॉल में दक्षिण भारत से आए वैदिक विद्वानों ने श्रीसुब्रह्मण्यम शांति कल्याणोत्सव की विधि-विधान से पूजा की। 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक लाख 116 बिल्व फल से हवन किया। कवि सार्वभौम श्रीनाथा सभा खड़गपुर के अवधान कौमुदि नल्लानी चक्रवर्तुला ने काव्यपाठ किया। पं. नोरी कल्याण सुंदर और ब्रह्मश्री नोरी सुब्रह्मण्यम शास्त्री की देखरेख में श्रीचक्रनवावरण की सामूहिक अर्चना हुई। श्रीराम कवचम प्रताप शर्मा के नेतृत्व में वेद की सभी शाखाओं को समर्पित 16 शिवलिंगों का वैदिक मंत्रोच्चार से अभिषेक हुआ। अनुष्ठान में पुष्पगिरि पीठाधिपति अभिनवोद्दंड विद्या शंकर भारती स्वामी, अमृतानंद स्वामी, वीवी सुंदर शास्त्री, विश्वनाथ, चक्रवर्ती विजय नावड़ आदि शामिल रहे।