वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (तेरहवां) मनोज कुमार सिंह की कोर्ट ने लंका थाना से जुड़े मारपीट व लूट मामले में तत्कालीन एसीपी प्रवीण कुमार सिंह, चार दरोगा समेत 11 को राहत दी है। कोर्ट ने पूरी घटना को संदिग्ध पाते हुए आपराधिक निगरानी याचिका निरस्त कर दी। साथ ही कहा कि निगरानी कर्ता द्वारा तथ्यों को छिपाकर पुलिसकर्मियों को बिना अभियोजन स्वीकृति के आरोपी बनाने का प्रयास किया गया। यह निगरानी नरिया निवासी नितिन राय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ दाखिल की थी। इस प्रकार तत्कालीन भेलूपुर एसीपी प्रवीण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक लंका सुफियान खान, तत्कालीन कार्यवाहक थानाध्यक्ष लंका महातम यादव, तत्कालीन नगवा चौकी इंचार्ज प्रभाकर सिंह, गौरव उपाध्याय के अलावा मधुसूदन राव, अभिनेष सिंह, सौरभ पाठक, प्रभाकर राव,अफजल सिद्दीकी, विक्रम बिज को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। ब्यूरो
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धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर वाराणसी। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राकेश पांडेय की अदालत ने साढ़े आठ लाख लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने और धमकी देने के मामले में आरोपी जितेंद्र दूबे की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। प्रकरण में इंडस्ट्रियल स्टेट निवासी वादिनी गंगा देवी ने 25 मई 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में 3 आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही हो चुकी है, अदालत में आरोपी का पक्ष अधिवक्ता अलख नरायण राय व अमन राज गुप्त ने रखा। ब्यूरो