वाराणसी। जिले में पुनर्वास विस्थापन, प्रतिकर और प्राधिकरण का गठन न होने को लेकर करीब 1900 आपत्तियां लंबित हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक नहीं हो पाया है। भूमि अधिग्रहण की जांच कैग से जांच कराने के निर्णय को लेकर किसान न्याय मोर्चा को उम्मीद जगी है। मोर्चा के संयोजक महेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि हाईकोर्ट ने नौ मार्च 2017 को आपत्तियों के निस्तारण के लिए छह माह में प्राधिकरण का गठन करने का निर्देश दिया था जबकि एक साल हो गया लेकिन प्राधिकरण का गठन नहीं हुआ। कहा कि मोर्चा ने कैग के जांच कराने का अनुरोध किया था। वह कैग के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखेंगे। मनमाने तरीके से भूमि अधिग्रहण को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री नौ मार्च को हृदयपुर में महासंग्राम रैली करेंगे। उल्लेखनीय है कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-56,233,29, रिंग रोड पर भूमि अधिग्रहण के बाद प्रशासन 1667.60 करोड़ रुपये मुआवजा बांट चुका है जबकि 264.94 करोड़ रुपये अभी बांटे जाने हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 56 (मंत्रालय) पर 93.09, राष्ट्रीय राजमार्ग (प्राधिकरण) 56 पर 88.95 प्रतिशत प्रतिकर दिया जा चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग 233 पर सबसे कम 75.12 प्रतिशत प्रतिकर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर 86.53 प्रतिशत प्रतिकर दिया गया है।