मंडल के तीन जिलों के ग्राम पंचायतों में शत प्रतिशत ग्रीन पंचायत हो चुकी हैं। वन विभाग ने हरियाली के लिए टीम बनाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। इसके माध्यम से पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली को अपनाने, कृषि वानिकी के सतत कृषि-वन मॉडल को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि ग्रीन चौपाल अभियान की शुरुआत जुलाई 2025 से की गई थी। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर माह की तीसरे शुक्रवार को ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया था। अलग-अलग विभागों के समन्वय से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और हरित विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचा कर जागरूक किया गया है। वाराणसी प्रभाग के अधीन 3666 ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल का 100 प्रतिशत आयोजन किया जा चुका है। इसमें वाराणसी के 694 पंचायतों में, ग़ाज़ीपुर के 1238 पंचायतों में और जौनपुर के 1734 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन सफलता पूर्वक कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ग्रीन चौपाल का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2030 तक राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का 15 प्रतिशत भाग वृक्षों से आच्छादित करना है। इसके अलावा वनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से गैर- वन भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है।