संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत में गोल्ड के मामले में छात्रा ने बाजी मारी है। सबसे ज्यादा सात गोल्ड मेडल निंबार्क वेदांत से आचार्य करने वाली टुंपा राय को मिलेंगे। 10 मेधावियों को 35 गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा। कुल 31 छात्र और छात्राओं को 56 मेडल मिलेंगे।
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26 सितंबर को 13733 विद्यार्थियों की उपाधियां ऑनलाइन अपलोड होंगी। सबसे ज्यादा शास्त्री (यूजी) में 8305 और आचार्य (पीजी) में 4473 को डिग्रियां दी जाएंगी। 46 संस्कृत स्कॉलर्स को पीएचडी की उपाधि से नवाजा जाएगा। ये जानकारी मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दी। 26 सितंबर को विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में सुबह 10 बजे से दीक्षांत की शुरुआत हाेगी।
कुलपति ने बताया कि टुंपा के बाद दूसरे स्थान पर शुक्ल यजुर्वेद के छात्र प्रज्ज्वल को पांच गोल्ड मेडल, हर्ष पांडेय को नव्य व्याकरण से आचार्य में टॉप करने पर पांच गोल्ड मेडल, साहित्य में सृष्टि दुबे को चार गोल्ड मेडल, धर्मशास्त्र के मनिंद्र भगवंत कुलकर्णी और नूतन विष्णु रेग्मी को तीन गोल्ड, तारा प्रसाद दुबे, अमित कुमार पांडेय, रामचंद्र और जैन अभय ओझा को दो गोल्ड दिए जाएंगे। बाकी, 21 छात्रों को एक-एक गोल्ड मेडल मंच पर दिए जाएंगे।
डॉ. गंगानाथ झा, रिपन, चंद्रशेखर शास्त्री बैकुंठनाथ शास्त्री, सवाई माधो सिंह, अन्नदा प्रसाद मुखर्जी, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, महाराजा विभूति नारायण सिंह गोल्ड मेडल।
कोर्स - टॉपर आचार्य - टुंपा राय शास्त्री - राम प्रताप शास्त्री प्रथमा - वक्रतुंड शुक्ल
अनिल सहस्त्रबुद्धे होंगे मुख्य अतिथि
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय मूल्यांकन और राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे होंगे। अध्यक्षता राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल करेंगी।