फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Nikay Chunav:... तो इसलिए आनन-फानन जारी की गई आरक्षण की अंतिम अधिसूचना, गोपनीयता के पीछे ये है वजह

Mon, 10 Apr 2023 11:52 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Nagar Nikay Chunav 2023: हाईकोर्ट के निर्देश के तीन दिन बाद भी नगर विकास विभाग द्वारा उप्र राज्य निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर पाया है। जबकि हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा 6 अप्रैल को ही निर्देश दिया था कि चार दिन के भीतर आयोग की रिपोर्ट को नगर विकास विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए।
विज्ञापन
यूपी निकाय चुनाव, यूपी नगर निगम चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निकायों की सीटों के आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करने और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम जारी करने का प्रस्ताव भेजने में नगर विकास विभाग द्वारा बरती गई गोपनीयता को लेकर भी चर्चाएं शरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि सोमवार को हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा इस मुद्दे पर होने वाली सुनवाई को देखते हुए नगर विकास विभाग ने आनन-फानन अंतिम अधिसूचना विभाग जारी कर दिया। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव कार्यक्रम का एलान कर दिया । ऐसे में अब निकाय चुनाव बिना किसी व्यवधान के संपन्न होने का रास्ता साफ हो गया है।

विज्ञापन


दरअसल नगर विकास विभाग द्वारा 30 मार्च को आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी थी। इस पर तमाम लोगों ने आरक्षण के फार्मूले को लेकर हाईकोर्ट लखनऊ और इलाहाबाद बेंच में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं। इनमें एक याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी है। इसलिए माना जा रहा है कि नगर विकास विभाग ने बड़ी ही गोपनीयता के साथ रविवार को आरक्षण की अंतिम अधिसूचना को चुपचाप वेबसाइट पर अपलोड कर दिया।

विज्ञापन

पहले सोमवार को जारी होनी थी चुनावों की तारीख

सूत्रों का कहना है कि पहले रविवार को आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी होनी थी और सोमवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने थे, लेकिन सोमवार को ही हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई थी। इसलिए तय किया गया कि सुनवाई से पहले ही चुनाव कार्यक्रम घोषित करा दिया जाए।

लगभग एक ही था बेवसाइट पर अधिसूचना अपलोड और चुनाव तारीख एलान का समय

इसके तहत ही नगर विकास विभाग ने बड़ी ही गोपनीयता के साथ आनन-फानन पहले आरक्षण की अधिसूचना को वेबसाइट पर कराया और इसके ठीक बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। गोपनीयता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अधिसूचना को वेबसाइट पर अपलोड करने और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का समय करीब-करीब एक ही था।

कोर्ट के निर्देश के बाद भी अपलोड नहीं हुई रिपोर्ट

हाईकोर्ट के निर्देश के तीन दिन बाद भी नगर विकास विभाग द्वारा उप्र राज्य निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर पाया है। जबकि हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा 6 अप्रैल को ही निर्देश दिया था कि चार दिन के भीतर आयोग की रिपोर्ट को नगर विकास विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए। ताकि आम लोग भी आयोग आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर किए गए सिफारिशों को देख सकें। इसके बावजूद नगर विकास विभाग ने रविवार की देर रात तक आयोग की रिपोर्ट को अपलोड नहीं किया था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें