उन्नाव/सोनिक। कानपुर-लखनऊ हाईवे को सुधारने का काम दिसंबर तक चलेगा। एक लेन की सड़क पर यातायात बंद होने और डायवर्जन होने के कारण लगभग रोजाना लग रहा है। ऐसे में बहुत जरूरी होने पर ही कानपुर या लखनऊ का सफर करें। अगर जाना अतिआवश्यक है तो घर से करीब दो घंटे पहले निकलें ताकि गंतव्य तक समय से पहुंच सकें।
इस दौरान जाजमऊ से सोहरामऊ तक अलग-अलग स्थानों पर तीन से चार किलोमीटर के दायरे में एक तरफ की लेन को बंद करके सड़क बनाने का काम चल रहा है। सोनिक मोड़ से पावर हाउस कट तक चार किलोमीटर क्षेत्र में लगातार चौथे दिन यातायात रेंगता रहा। एनएचएआई परियोजना निदेशक के अनुसार सड़क बनाने का काम दिसंबर में पूरा कर लिया जोगा। डिवाईडर, हाईमास्ट लाइट, संकेतक आदि का काम भी साथ में ही कराया जाएगा। लखनऊ-कानपुर हाईवे के नवीनीकरण के लिए एनएचएआई ने जीएस एक्सप्रेस नाम की निर्माण एजेंसी को 92 करोड़ का ठेका दिया है। यही एजेंसी अगले पांच साल तक हाईवे के रखरखाव और सुधार की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
शनिवार को सोनिक पावर हाउस के सामने से सड़क के नवीनीकरण की शुरुआत हुई थी। सड़क की ऊपरी पर्त को उखाड़कर धूल-मिट्टी साफ करने के बाद नए सिरे से सड़क बनाई जा रही है। इससे काम में ज्यादा वक्त लग रहा है। जिले की सीमा में हाईवे के 42 किलोमीटर हिस्से में सुधार कार्य होना है।
सोनिक मोड़ से पॉवर हाउस के बीच चार किलोमीटर के पहले पैच का काम चल रहा है। काम मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान दोनों तरफ के वाहनों को लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली लेन से निकाला गया। इससे यातायात दिन भर रेंगता रहा। पहले निकलने की होड़ में कई वाहन चालकों ने लेन तोड़ी तो सुबह करीब 11 बजे सोनिक के पास करीब आधे घंटे तक जाम भी लगा। हालांकि मौजूद कर्मियों ने वाहनों को आगे-पीछे कराकर यातायात सामान्य कराया।