उन्नाव। 22 साल पहले हुई मारपीट और गालीगलौज के दो आरोपियों को न्यायालय ने दो साल के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अजगैन थानाक्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी छेद्दू से दस मार्च 2001 को गांव के ही भीम सिंह और पप्पू सिंह ने गाली गलौज की थी। विरोध करने पर आरोपियों ने पेड़ से बांधकर मारपीट की थी। घटना के अगले दिन पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। इसका पता चलने पर आरोपियों ने 14 मार्च 2001 को उसके घर में घुसकर दोबारा मारपीट की थी। शोर सुनकर ग्रामीणों को आता देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए थे। पीड़ित की शिकायत पर अजगैन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, शांतिभंग समेत अन्य मामलों में रिपोर्ट दर्ज की थी। मुकदमा 22 साल से न्यायालय में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से मनोज कुमार पांडेय व जगन्नाथ कुशवाहा पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायाधीश अपर सत्र न्यायाधीश कल्पना शुक्ला ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए दो साल के कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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मारपीट के तीन आरोपियों पर रिपोर्ट
पुरवा। क्षेत्र के अभुषा गांव निवासी सूरज ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह वह गांव के नीरज के घर भूसा लेने गया था। इसदौरान पड़ोस के सुखराम ने उससे गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने पत्नी (नाम अज्ञात) और बेटे मोनू के साथ मिलकर उससे मारपीट की। शोर सुनकर बचाने पंहुचे पिता केशन और मां गुड्डी को भी आरोपियों ने पीट दिया। पीड़ित ने तहरीर देकर पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। (संवाद)