संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। बेमौसम की दो मिलीमीटर (मिमी) बारिश से एक तरफ गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है। वहीं आलू व सरसों की फसल को नुकसान की आशंका है। इसके अलावा इस बारिश से शहर के साथ तकिया मेले में भी जलभराव हो गया। लोकल फाल्ट से बिजली संकट भी रहा।
मंगलवार रात से ही आसमान में बादल छा गए थे। 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी थीं। बुधवार सुबह आठ बजे के करीब अचानक बारिश शुरू हो गई। आसमान में बिजली चमकने लगी। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र को छोड़कर पूरे जिले में बारिश हुई। बीघापुर में सबसे ज्यादा छह मिमी पानी बरसा। इसके अलावा सदर, पुरवा, सफीपुर में दो दो और हसनगंज में एक मिमी बारिश हुई।
इस दौरान से एक तरफ शहर के भरत मिलाप, बुधवारी, कल्याणी, मोतीनगर, कृष्णानगर आदि मोहल्लों की गलियों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं पाटन में चल रहे तकिया मेले में भी जलभराव होने से ग्राहक नहीं पहुंचे। जिससे दुकानदार सन्नाटे में बैठे रहे। खजला व्यापारी मुन्ना गुप्ता, दीपक, मनोज शुक्ला आदि ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षाकृत आज एक चौथाई बिक्री नहीं हुई। चाट व्यापारी अशोक, रामबाबू, बिताशखाना दुकानदार राधेश्याम, चूड़ी बेचने वाले शब्बीर अहमद ने बताया कि गंदगी तथा कीचड़ के कारण मेला फीका रहा।
तापमान गिरा, सर्दी के साथ गलन बढ़ी
बारिश के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पारा 18 से कम होकर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पारा गिरने से ठंड के साथ गलन भी बढ़ गई। जिससे लोग परेशान रहे। पूरे दिन तेज धूप नहीं निकली। शाम ढलते ही फिर ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। लोगों ने जहां अलाव जलते देखा वहीं रुककर हाथ सेंके।
गेहूं को फायदा, आलू व सरसों को नुकसान
धौरा कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार यादव ने बताया कि इस समय होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट हो सकती है जिससे फूल वाली फसलें जैसे सरसों, मटर, चना आदि प्रभावित होंगी। जिससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है। जिले में गेहूं के अधिकांश क्षेत्र सिंचित हैं। मध्यम बारिश ठंड की अवधि को बढ़ाएगी जो गेहूं की फसल के उत्पादन के लिए वरदान साबित होगी। बारिश गेहूं के उत्पादन पर सिंचाई की लागत को काफी हद तक बचाएगी। बारिश के पानी में नाइट्रेट भी होता है, जो फसल के विकास के लिए फायदेमंद होता है। वहीं किसान में राजू रावत, रमेश व भगत आदि ने बताया कि अधिक बारिश हुई तो फूल रही सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान होगा।
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ट्रांसफार्मर जलने व तार टूटने से गुल रही बिजली
बारिश से बिजली संकट भी गहरा गया। कचहरी के पास तार टूटने से सिविल लाइन, रामपुरी, मौहारीबाग, कब्बा खेड़ा आदि क्षेत्रों की बिजली तीन घंटे से अधिक समय तक गुल रही। इसके अलावा सोनिक से आई 33 केवी लाइन में फाल्ट आने से मोतीनगर, कृष्णानगर, पीतांबरनगर, पीडीनगर, छोटा, बड़ा चौराहा, इंदिरानगर, गांधीनगर आदि मोहल्लों में बिजली नहीं आई। एक्सईएन हेमेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान फाल्ट से बिजली गुल रही। जिसे दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई।