जिले में पौधशाला स्थापित करने के लिए दो स्थानों का चयन कर लिया गया है। इसमें विकासखंड हसनगंज के ग्राम धौरा में 1.72 करोड़ और हिलौली के गांव अकोहरी में 1.81 करोड़ से फलों व चयनित सब्जियों को उगाने के लिए दो नर्सरी तैयार की जाएंगी।
एक नर्सरी स्थापित करने के लिए चार हेक्टेयर तक की भूमि की जरूरत पड़ेगी। नर्सरी में पौध व उन्नतशील बीज उद्यान विभाग उपलब्ध कराएगा। इस नर्सरी के लिए उद्यान विभाग के अनुसार एक से चार हेक्टेयर का क्षेत्रफल जरूरी है। नर्सरी से हर वर्ष औसतन 15 लाख शाक-भाजी, फल, औषधीय आदि पौधों का उत्पादन किया जा सकेगा।
नर्सरियों में नेट हाउस, सिंचाई सुविधा, हाईटेक ग्रीन हाउस आदि सुविधाएं दी जाएंगी। नर्सरी में उत्पादित पौधों की बिक्री स्थानीय स्तर पर इच्छुक किसानों, क्षेत्रीय स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों (एफपीओ), राज्य स्तर पर अन्य प्राइवेट नर्सरियों व राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्य सरकारों के पौधरोपण के लिए के साथ अन्य प्रांतों के किसानों व संगठनों को की जा सकेगी।
योजना से पौधों की नर्सरी स्थापित कर लोगों को खुद का रोजगार स्थापित करने के बड़े अवसर मिलेंगे। जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार पौधशाला सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। योजना से पौधशालाओं से जुड़े किसानों के दिन बहुरेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। जिले में दो पौधशालाएं बनाई जाएंगी।