हिलौली के असरेंदा गांव निवासी आशू (20) पुत्र गंगाचरण को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन आशू का इलाज लखनऊ के नर्सिंगहोम में करा रहे थे। सुधार न होने पर लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वहां आशू के डेंगू की पुष्टि हुई। इसी ब्लॉक के गांव बरदहा गांव निवासी नरेंद्र सिंह के बेटे निक्की (6) को काफी समय से बुखार आ रहा था। परिजन पहले उसका बुखार का इलाज कराते रहे। लेकिन जब सुधार नहीं हुआ तो डेंगू की जांच कराई। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में निक्की में डेंगू की पुष्टि हुई। दोनों की रिपोर्ट गुरुवार को सीएमओ कार्यालय आने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। शुक्रवार को मलेरिया विभाग की टीम मलेरिया इंस्पेक्टर विकासचंद्र वर्मा के नेतृत्व में पहले असरेंदा गांव पहुंची। यहां तीन घरों में लार्वा विरोधी छिड़काव कराने के साथ ही फागिंग व इंडोर स्प्रे कराई। इसके बाद टीम बरदहा गांव पहुंची। यहां गांव में गंदगी अधिक होने से 25 घरों में इंडोर स्प्रे कराया गया। साथ ही गंदगी वाले स्थान पर लार्वा विरोधी छिड़काव कराया गया। ग्रामीणों को हिदायत दी गई कि वह अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखें। साफ पानी को जमा न होनें दें। बुखार आने पर झोलाछाप का इलाज न कराकर सरकारी अस्पताल में दिखाएं। छिड़काव करने गई टीम में सहायक मलेरिया अधिकारी एमपी सिंह, मो. आरिफ शामिल रहे।