नवाबगंज। अवैध कब्जा हटाने गई राजस्व टीम के सामने महिला ने झोपड़ी में घुसकर आग लगा ली। टीम के सदस्यों ने फौरन उसे पकड़कर बाहर निकाला और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। नायब तहसीलदार ने घटना की जानकारी तहसीलदार को दी। उन्होंने दोनों पक्षों को शुक्रवार को तहसील बुलाया है। उधर, लोगों के जेहन में कानपुर देहात की झोपड़ी मां-बेटी के जिंदा जलने की घटना ताजा हो गई।
इटकुटी गांव निवासी गौशखान ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी कि गांव का ही अजय उसकी जमीन के आगे अवैध निर्माण कर रहा है। नायब तहसीलदार मनोज कुमार अवस्थी राजस्व टीम के साथ गुरुवार को जांच करने पहुंचे। जांच में नक्शे से जमीन का मिलान किया तो शिकायतकर्ता और कब्जेदार की जमीन संख्या एक समान मिली। उसमें गौशखान का खेत कब्जे वाली जमीन के पीछे था। गौशखान के खेत के आगे अजय झोपड़ी डाले है। नायब तहसीलदार ने अजय को अवैध कब्जा हटाने को कहा। इस पर वहीं मौजूद अजय की पत्नी रानी गुस्से में झोपड़ी के अंदर गई और पॉलिथीन में आग लगा दी। आग की लपटें देख राजस्व टीम हक्की-बक्की रह गई। उन्होंने तत्काल महिला को झोपड़ी से निकाला। बाद में वह रोते हुए अपनी झोपड़ी को जलते हुए देखती रही। नायब तहसीलदार ने तहसीलदार जितेंद्र सिंह को घटना की जानकारी दी। हसनगंज एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि ग्राम प्रधान की मौजूदगी में कब्जेदार को समझाकर विवाद का निस्तारण करा दिया था। अजय अपना सामान वहां से हटा रहा था, तभी उसकी पत्नी ने दबाव बनाने के लिए एक पॉलिथीन में आग लगा दी थी।