वेतन विसंगतियों को लेकर कार्य बहिष्कार करने वाले डिप्लोमा इंजीनियर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इस दौरान इंजीनियरों ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों को कोसा। बुधवार से शुरू हुई हड़ताल के पहले दिन उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले स्थानीय पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्षता सचिव शिवपूजन ने की। बताया कि 4800 ग्रेड पे और तीन प्रोन्नति वेतनमान की स्वीकृति का शासनादेश जारी करने के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 1 मार्च तक का समय मांगा था। इसके बाद भी नियत समय पर न तो मांगे मानी गईं और ना ही शासनादेश ही जारी किया गया। इसके विरोध में सभी डिप्लोमा इंजीनियर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। संघर्ष समिति के चेयरमैन मो. हामिद शेख ने बताया कि मांगे न माने जाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान राजेश कुमार, बीडी पांडेय, एसपी द्विवेदी, कृष्ण कुमार, विशाल साहू, हुकुम सिंह, हरीशंकर भारती, सौरभ सक्सेना, राजकुमार, दिनेश भाटिया आदि उपस्थित रहे। संचालन नलकूप विभाग के इं. आरके यादव ने किया।