उन्नाव। बीस साल पुराने नीलम हत्याकांड में गैंगस्टर एक्ट न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे के तत्कालीन दो विवेचकों के बयान गुरुवार को पूरे हुए। वहीं जमानती वारंट जारी होने के बाद दो डॉक्टर बयान के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। न्यायाधीश ने सुनवाई की अगली तारीख 19 अप्रैल तय की है।
18 दिसंबर 2002 को इंद्रानगर मोहल्ला निवासी श्याम कुमार की 17 वर्षीय बेटी नीलम को सुबह घर से कोचिंग जाते समय कार सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। पूर्व तय तारीख पर गुरुवार को सेवानिवृत्त वरिष्ठ उपनिरीक्षक मदन मोहन यादव व तत्कालीन एसएचओ निरंकार सिंह के बयान दर्ज हुए। शुरुआती विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचक वरिष्ठ उपनिरीक्षक सदर कोतवाली पीसी चतुर्वेदी के बयान पहले ही न्यायालय में दर्ज हो चुके हैं। वहींं न्यायालय से जमानती वारंट जारी होने के बाद कानपुर के रीजेंसी अस्पताल के तत्कालीन डॉक्टर केसी श्रीवास्तव और जिला अस्पताल के डॉक्टर बीएस निगम बयान के लिए गुरुवार को भी न्यायालय नहीं पहुंचे। मुकदमे के वादी श्याम कुमार के अधिवक्ता विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमे के दोनों विवेचकों के गुरुवार को पूरे बयान दर्ज हो गए हैं।