हसनगंज। हसनगंज तहसील के एसडीएम न्यायिक के पेशकार को कमिश्नर के आदेश पर जिलाधिकरी ने निलंबित किया है। पेशकार पर आरोप है कि एक मुकदमे का आदेश जारी होने से पहले ही उन्होंने फर्जी आदेश ऑनलाइन कर दिया था। कई महीनों से इस मामले की जांच चल रही थी।
न्यायिक तहसीलदार न्यायालय में किशन पाल और सीताराम के बीच एक मुकदमा विचाराधीन था। मुकदमें के आदेश की तिथि 30 जून 2022 को निर्धारित थी। इससे पहले ही आदेश ऑनलाइन दिखने लगा था। इसकी जानकारी मुकदमे में प्रतिवादी सुखबीर ने अधिवक्ता राजीव मिश्रा को दी। अधिवक्ता द्वारा न्यायालय की पत्रावली का मुआयना करने पर पाया गया कि एसडीएम न्यायिक निधि पांडेय के अवकाश के बाद भी आदेश ऑनलाइन दिखा रहा है। इस पर अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र देकर कमिश्नर रोशन जैकब से मामले की जांच करने की मांग की थी। मंगलवार को कमिश्नर के आदेश पर जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने पेशकार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी दाखिल खारिज के आदेश के मामले को लेकर कमिश्नर के आदेश पर जिलाधिकारी ने पेशकार को निलंबित करने का आदेश दिया है।