विभाग ने बेहतर सेवा देने के चलते चालक का नाम अब लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भेजा है। राज्य परिवहन निगम ने क्षेत्र के ग्राम खंभाउली निवासी श्रवण कुमार पुत्र क्षेमेंद्र कुमार का चयन वर्ष 2002 में प्रांतीय रक्षक दल के जरिये बस परिचालक के पद पर किया था। इन 14 वर्षों में चालक के खिलाफ यात्रियों व अधिकारियों की ओर से कोई भी मौखिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। साथ ही दुर्घटना रहित मामले में भी परिचालक अब तक अव्वल रहा है। उत्कृष्ट सेवा के लिए परिचालक को चार प्रशस्ति पत्र दिए जा चुके हैं। कैसरबाग डिपो के प्रबंधक प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि परिचालक का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड में दर्ज कराने के लिए भेजा जा रहा है। शुक्रवार को बांगरमऊ पहुंचने पर क्रय विक्रय समिति के अध्यक्ष रणंजय प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह यादव, रविंद्र सिंह, नीरज गुप्ता, विकास गुप्ता, नीरज त्रिपाठी, देवेंद्र यादव, रामनाथ कनौजिया, गोपाल पटेल, रामदयाल ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया।