कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने पर परिजनों ने उसे तोड़कर किशोर को नीचे उतारा। परिजन पहले उसे नवाबगंज के एक निजी अस्पताल लेकर पंहुचे। वहां भर्ती न किए जाने के बाद आशाखेड़ा स्थित श्रीराममूर्ति हॉस्पिटल ले गए। वहां से भी उन्हें वापस भेज दिया गया।
इसके बाद में कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। वहीं क्षेत्र में किशोर और किशोरी के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग होने की चर्चा है। कोतवाल वीके मिश्र ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं है। तहरीर नही मिली है। तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
किशोर के परिजनों ने किशोरी के परिवार पर लगाए आरोप
किशोर और किशोरी दोनों एक ही बिरादरी के हैं। किशोर के परिजनों का कहना था कि किशोरी और उसके परिजन ही उसके बेटे को बुलाते थे। इससे बचने के लिए पांच बार बेटे को महाराष्ट्र और पुणे भेजा। लेकिन वह फिर आ जाता था। शिवरात्रि के एक दिन पहले ही वह पुणे से आया है।