उन्नाव। प्रदेश सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए सोलर कोल्ड स्टोरेज निर्माण की योजना शुरू की है। इसके लिए किसान के पास 80 वर्ग मीटर भूमि होनी चाहिए। उन्हें 19.31 लाख रुपये नेडा विभाग में जमा करने होंगे। खुद की भूमि पर स्टोरेज होने से किसानों की आर्थिक तरक्की का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
किसानों को निजी कोल्ड स्टोरेज में उपज रखने में काफी खर्च करना पड़ता है। निश्चित समय में उपज निकालने की बाध्यता भी रहती है। उपज खेत से निकालने के बाद तत्काल बाजार में बेचनी पड़ती है। फल, सब्जी और फूल अधिक समय तक रोके नहीं जा सकते। इन समस्याओं को देखते हुए शासन ने सोलर कोल्ड स्टोरेज बनाने की पहल की है। यूपी नेडा के माध्यम से किसान अपनी भूमि पर इसकी स्थापना कर सकेंगे।
छह मीट्रिक टन होगी क्षमता
सोलर कोल्ड स्टोरेज बनने से किसान उपज की मन मुताबिक बिक्री कर सकेंगे। स्टोरेज की क्षमता छह मीट्रिक टन होगी। इसमें किसान दूसरों की भी फसल रख सकेंगे। किराया मिलने से मुनाफा भी होगा।
किसानों की फसल भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए शासन ने सोलर कोल्ड स्टोरेज निर्माण की योजना शुरू की है। सोलर पैनल से संचालित इस स्टोरेज से किसानों को काफी फायदा मिलेगा। इसके लिए किसानों के पास 80 वर्ग मीटर जमीन होनी चाहिए। - नेपाल सिंह, परियोजना अधिकारी नेडा।