31 अक्तूबर तक पूरा करना था जलापूर्ति टेस्टिंग का काम, अबतक अधूरा
निर्माण एजेंसी के भुगतान से होगी जुर्माना राशि की कटौती, मची खबबली
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अमृत (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना में लेटलतीफी पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा ने निर्माण एजेंसी ओपी गुप्ता कांट्रेक्टर्स पर 5.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना फर्म को होने वाले भुगतान से काटा जाएगा।
रविवार को जल शक्ति विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अमृत योजना की लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की बात कही थी। शहर के 30,298 घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2018 में केंद्र सरकार ने अमृत योजना स्वीकृत की थी।
253 करोड़ की इस योजना के तहत गंगा नदी से पानी लेकर जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) में साफ करने के बाद हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करनी है। हालांकि पांच साल में सात बार योजना का काम पूरा करने की समय सीमा बढ़ाई जा सकी है।
पाइप लाइन डालकर, टेस्टिंग करने का जो काम 31 अक्तूबर 2023 तक पूरा करना था वह एक महीने बाद भी पूरा नहीं हो सका है। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने समीक्षा बैठक में योजना का काम कर रही आगरा की निर्माण एजेंसी ओपी गुप्ता कांट्रेक्टर्स पर कार्रवाई की बात कही थी।
उन्नाव शहर में सभी घरों तक पानी पहुंचाने के लिए योजना को 10 जोन में बांटा गया है। पाइप लाइन डालकर, जलापूर्ति की टेस्टिंग का काम 31 अक्तूबर तक पूरा करना था, लेकिन एक महीने बाद भी काम पूरा न करने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा को भेजी थी।
अधीक्षण अभियंता ने निर्माण एजेंसी पर 5.5 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। अधिशासी अभियंता सिंह ने बताया कि मनमानी और दिशा निर्देशों का पालन न करने पर निर्माण एजेंसी के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई है। बताया कि जुर्माना की कटौती निर्माण एजेंसी के बिल से की जाएगी।
फोटो नंबर-1-30 नवंबर को प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
पहले भी भारी पड़ चुकी है हीलाहवाली
केंद्रीय राज्यमंत्री के सख्त रुख के बाद जल निगम के एसई ने की कार्रवाई
अमृत योजना में लापरवाही और काम में सुस्ती पर आगरा की इस निर्माण एजेंसी पर जलनिगम जून 2023 में भी एक करोड़ रुपये जुर्माना लगा चुका है। मालूम हो कि 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई और जून 2020 तक पूरा करना था। इस दौरान जलनिगम ने निर्माण ऐजेंसी को 33 नोटिस दिए और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023 और अगस्त 2023 की समय सीमा तय की गई लेकिन शहरवासियों को शुद्ध पेयजल अबतक नहीं मिल पाया।
योजना पर एक नजर
शहर के सभी 32 और शुक्लागंज के 28 वार्डों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गंगा नदी से जल को शुद्ध करके हर घर में जलापूर्ति की जाएगी। गंगा बैराज के पास प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी साफ करने की क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। हर वार्ड और गली में नई भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर घरों में कनेक्शन दिए जाने हैं। शहर में 12 ओवर हेड टैंक (पानी की टंकी) और नौ भूमिगत टैंकों से पंप के जरिये जलापूर्ति की जाएगी।