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- टुल्लू पंप का प्लग लगाते समय तार काटा होने से जेठानी चिपकी, बचाने में देवरानी भी
- कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ा किला बाजार में घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीपुर (उन्नाव)। टुल्लू पंप के कटे तार में अंगुली छूने से जेठानी करंट की चपेट में आ गई। बचाने पहुंची देवरानी भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों की मौके पर मौत हो गई। खेत से लौटने पर जेठ को घटना की जानकारी हुई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ा किला बाजार निवासी संतोष रैदास की पत्नी नीलम (27) और छोटे भाई गोविंद की पत्नी प्रियांशी (25) रविवार को घर पर थीं। नीलम की दो मासूम बेटियां और बेटा कमरे में सो रहे थे। संतोष खेत गया था। छोटा भाई गोविंद मां सुमित्रा को अपनी ननिहाल गंजमुरादाबाद छोड़ने गया था।
सुबह करीब आठ बजे नगर पंचायत से जलापूर्ति शुरू होने पर जेठानी नीलम पानी भरने के लिए टुल्लू पंप का प्लग लगाने लगी। तार कटा होने से वह करंट की चपेट में आ गई। चीख सुनकर पहुंची देवरानी प्रियांशी ने जेठानी को बचाने की कोशिश की तो वह भी चपेट में आई और दोनों की मौत हो गई।
नीलम का पति संतोष सुबह करीब 10 बजे जब घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार दस्तक देने पर भी दरवाजा न खुलने पर वह सीढ़ी के सहारे छत पर पहुंचा। जीने के रास्ते घर में दाखिल हुआ तो वहां का नजारा देखकर चीख उठा। कोतवाल श्याम नारायण सिंह ने बताया कि करंट से देवरानी और जेठानी की मौत हुई है। शव के पोस्टमार्टम कराए गए हैं।
उधर, घटना की सूचना पर पुलिस के साथ विधायक बांबालाल दिवाकर, भाजपा नेता हरिशरण लाला और एसडीएम प्रज्ञा पांडेय मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। संतोष के चचेरे भाई अनिल ने बताया की नीलम की दो बेटियों में एक चार साल की और दूसरी पांच महीने की है। वही प्रियांशी का एक साल का बेटा है।
दुखों में बीता जीवन...कहते हुए चीख पड़ा संतोष
दादी के साथ गई थी बड़ी बेटी, बिस्तर में थे छोटे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीपुर। संतोष बताया कि 13 साल पहले पिता रामशंकर की मौत हो गई थी। उस समय वह 16 साल का था। बाद में बीमारी से बड़ी बहन की मौत हो गई। परिवार में मां के अलावा छोटे पांच भाई बहनों को संभाला।
तीन साल पहले माढ़ापुर में अपनी और दो साल पहले उतमानपुर में छोटे भाई गोविंद का विवाह किया। अन्य छोटे भाई बहनों में विवेक, अरुण, बहन रोशनी और मोना की पढ़ाई जारी रखी। उसने बताया कि रोशनी और मोना मां के साथ मामा के यहां गई थीं। जबकि विवेक और अरुण कोचिंग गए थे। अब परिवार थोड़ा संभला था तो पत्नी और बहू हमेशा के लिए छोड़ गई।
बताया कि मृतका नीलम की बड़ी बेटी प्रज्ञा दादी के साथ गई थी। वह होती तो चीख के बाद मां के पास पहुंचने का अंदेशा था और वह भी करंट की चपेट में आती, लेकिन ईश्वर ने उसे बचा लिया। वहीं छोटी चार माह की प्रिया व प्रियांशी के साथ एक साल का बेटा लक्ष्य कमरे के अंदर बिस्तर पर थे। दोनों की मां की मौत के बाद जब संतोष घर पहुंचा तो बिलखता पाया।
परिवार में है 17 को शादी
संतोष ने बताया कि पारिवारिक चाचा कल्लू की बेटी कल्पना की 17 जनवरी को बरात आनी है। 10 जनवरी को तिलक चढ़ा था। घर में खुशियों का माहौल था। घर से 50 मीटर दूर बने चाचा कल्लू के मकान में लोगों में भी चीख-पुकार मच गई।