संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। पुलिस पर जानलेवा हमले में दोषी को सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 22 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।
घटना थाना मौरावां क्षेत्र में 11 जुलाई 2020 को हुई थी। तत्कालीन मौरावां थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह रात गश्त के दौरान वायरलेस पर सूचना मिली कि एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश बाइक से मौरावां की तरफ किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से जा रहा है। इसपर थाना प्रभारी ने दरोगा सीताराम मिश्रा, बजरंगी यादव और कांस्टेबल गुफरान बेग, राजू सरोज के साथ घेराबंदी की। रात करीब एक बजे वह दिखा और रोकने का प्रयास करने पर तमंचे से फायर किया तो गोली एसओ को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने उसे गिरफ्ता कर लिया। उसने अपना नाम धनराज लोध, निवासी अकोहरी थाना मौरावां बताया। पुलिस ने उसे जेल भेजा था। 31 अगस्त 2020 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई अपर जिला जज तृतीय की कोर्ट में पूरी हुई। विशेष लोक अभियोजक विनय शंकर दीक्षित को तर्को और साक्ष्यों के आधार पर दोष साबित होने पर न्यायाधीश ममता सिंह ने धनराज लोध को सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।