सई नदी पुल पर भारी वाहनों को रोकने के लिए बनाई जाती दीवार।
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हसनगंज (उन्नाव)। सई नदी पुल की सड़क धंसने से खंती में गिरे ओवरलोड ट्रक की घटना के बाद मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल के दोनों ओर दीवारें खड़ी करा दीं। दीवार बनने से वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी और उन्हें कई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
मालूम हो कि रविवार को तड़के ओवरलोड ट्रक सई नदी के पुल से गुजर रहा था। इसी दौरान किनारे की सड़क धंसने से वह नीचे खंती में गिर गया था। घटना में चालक व क्लीनर बाल-बाल बच गए थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच पड़ताल कर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बताया जाता है कि रोक के बावजूद रात को भारी वाहन इस रास्ते से गुजरते रहे। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल के दोनों छोरों पर दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। शाम तक दीवार बनकर तैयार हो गई और इसके साथ ही भारी वाहनों का प्रवेश बंद हो गया। अब केवल छोटे वाहन ही इस पुल से निकल सकेंगे। पीडब्ल्यूडी विभाग के इस कदम से अब भारी वाहनों को आवागमन के लिए लगभग 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
टोल टैक्स से नहीं बच सकेंगे वाहन
सई नदी पर भारी वाहनों के आवागमन रुकने के बाद से अब वाहन चालकों को कानपुर-लखनऊ हाइवे से निकलना पड़ेगा जिसके एवज में उन्हें टोल टैक्स भी चुकाना पड़ेगा। अभी तक कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहन टोल टैक्स से बचने के लिए इस रास्ता का सहारा लेते थे लेकिन अब उन्हें अजगैन से मोहान जाने के लिए इंट्री नहीं दी जाएगी। वह सीधे लखनऊ जाएंगे। हरदोई, बांगरमऊ की तरफ से आने वाले वाहनों को मोहान-पुछारा चौराहे से अजगैन की ओर भेजा जाएगा जो बनी बंथरा होते हुए मलिहाबाद, लखनऊ जाएंगे। लखनऊ से आने वाले वाहन को लखपेड़ा चौराहे से मोहान-बनी होते हुए निकाला जाएगा। इससे वाहनों को 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।