सफीपुर। अलाउद्दीनखेड़ा में सात दिन पहले मारपीट की घटना में आरोपियों की धमकी से परेशान पीड़ित के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया। घायल युवक की पत्नी और बेटे ने बताया कि आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने समझाया कि जिस धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी उसमें गिरफ्तारी संभव नहीं थी। जैसी डॉक्टरी रिपोर्ट आएगी उसी आधार पर कार्रवाई होगी। कोतवाल ने यह भी कहा कि जांच अधिकारी से संतुष्ट न होने पर उसके बदलवाने का भी प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। इसके बाद परिजन शांत हुए। तब जाकर वहां से हटी।
कोतवाली क्षेत्र की ग्रामसभा उनवा के मजरा अलाउद्दीनखेड़ा निवासी पुताना ने बताया कि पति पुत्तीलाल 14 फरवरी को देर रात गांव में तिलक समारोह में शामिल होकर घर आए थे। उन्हें बाहर लगा बल्ब गायब मिला थ तो वह चिल्लाने लगे थे। पति का चिल्लाना पड़ोसी झब्बू, चंद्रपाल और संगीत को अच्छा नहीं लगा था और घर के अंदर घुसकर पति के साथ मारपीट की थी। कुल्हाड़ी से वार करने पर पति के सिर में गंभीर चोट आई थी। तब से पति का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के समय पति की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। जमानती धाराएं होने से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था।
पीड़िता पुताना का कहना है कि आरोपी बेटे अंकित पर सुलह का दबाव बना रहे हैं। सुलह न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार इतना गरीब है कि ग्रामीणों से चंदा एकत्र कर इलाज करा रहा है। धमकी से नाराज परिजन ग्रामीणों के साथ बुधवार को कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया। कोतवाल श्यामनारायण सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जमानती धारा होने से गिरफ्तारी नहीं हुई।