उन्नाव। शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश से लगने वाले जाम को रोकने और राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने के लिए आउटर रिंग रोड योजना के दायरे में आ रही जमीन का चिह्नांकन करने के बाद अब किसानों को मुआवजा देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए 32 करोड़ रुपये मिल गए हैं।
पहले चरण में चार करोड़ का भुगतान करने के लिए किसानाें से कागज लिए जा रहे हैं। वर्तमान समय में जिले में गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (एनई-6) का निर्माण शुरू हो गया है। इन राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने के लिए आउटर रिंग रोड पर भी जल्द काम शुरू कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। आउटर रिंग रोड निर्माण के पीछे का मुख्य उद्देश्य शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश रोकना है। इस रिंग रोड से भारी वाहन शहर के बाहर से ही गैर जनपदों को निकल जाएंगे।
जिससे शहर को जाम से निजात मिल जाएगी। आउटर रिंग रोड का निर्माण कानपुर नगर, देहात के साथ उन्नाव जनपद में भी कराया जाएगा। जिले में इसकी लंबाई 27.900 किमी होगी। इसके लिए 30 गांवों से 217.3515 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण होगा। निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दी गई है। मुआवजा वितरण का काम भूमि अध्याप्ति विभाग के जरिए होना है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एनएचएआई ने थ्री डी (भूमि सरकार के अधीन होना) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं अधिकारियों ने प्रस्तावित गांवों में जाकर रिंग रोड के दायरे में आ रही भूमि को चिंहित करने के बाद अधिग्रहण की नोटिस जारी कर दी है। अब इसमें जल्द से जल्द मुआवजा वितरण कराने की तैयारी है।
रिंग रोड निर्माण में भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण की कवायद तेज कर दी गई है। आठ गांवों की भूमि अधिग्रहण की नोटिस भी जारी कर दी गई है। वितरण के लिए 32 करोड़ मिले हैं। चार करोड़ का वितरण पहले चरण में किया जाएगा। -प्रमेश श्रीवास्तव, प्रभारी भूमि अध्याप्ति अधिकारी