हसनगंज। शत्रु संपत्ति व सीलिंग प्रभावित भूमि का दाखिल खारिज करने के मामले में चर्चा में आए नायब तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह को हसनगंज तहसील से हटा दिया गया है। उन्हें विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय (एसएलओ) से संबद्ध किया गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने और जांच में मामला सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
रसूलपुर बकिया के मजरे सलेमपुर गांव में स्थित शत्रु संपत्ति व सीलिंग प्रभावित 33 बीघा भूमि के कुछ मिलजुमला नंबर का वर्ष 2016 में एक ही परिवार के अलग-अलग नामों से बैनामा कर दिया गया था। इसके दाखिल खारिज का मामला संज्ञान में आने के बाद 2016 में तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह के पत्रावली खारिज करने का आदेश तहसील प्रशासन को दिया था। साथ ही शत्रु संपत्ति व सीलिंग प्रभावित भूमि को सुरक्षित रखने का आदेश भी जारी किया था। बाद में जिन लोगों के नाम बैनामे हुए थे, उन्होंने मामले का वाद नायब तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह के न्यायालय में दाखिल कर दिया था। सात साल बाद नायब तहसीलदार ने 11 नवंबर 2022 में अपनी कोर्ट में दोबारा मुकदमे को संचालित करा लेखपाल से बयान लेकर एक ही परिवार में 33 बीघे की शत्रु संपत्ति व सीलिंग प्रभावित भूमि को आदेश करके महिला सहित दो लोगों के नाम चढ़ा दिया था।
अमर उजाला ने 23 जनवरी के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद एसडीएम अंकित शुक्ला ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। वहीं नायब तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह की इसी कार्यशैली के विरोध में लंबे समय से हड़ताल पर चल रहे अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील में धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद नायब तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह को यहां से हटाने की तैयारी शुरू हो गई थी। एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि नायब तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह को तहसील से हटाकर विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग में संबद्ध किया गया है।