उन्नाव। एक सप्ताह में फिटनेस न कराने पर स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित और फिर रद्द किया जाएगा। अमर उजाला में अनफिट वाहनों को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद एआरटीओ ने यह निर्देश दिए हैं।
एआरटीओ कार्यालय से सभी अनफिट स्कूली वाहनों का फिटनेस कराने के लिए स्कूल और वाहन संचालकों को नोटिस भेजे गए हैं। एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि जिले के 70 स्कूलों के 180 वाहन फिटनेस कराए बिना ही बच्चों को लेकर आ-जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आठ से 22 जुलाई तक कार्यालय में विशेष कैंप लगा था लेकिन इसमें भी सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी अनफिट वाहन को सड़क पर न चलने दिया जाए। वह खुद इसकी लगातार समीक्षा कर रहे हैं। एआरटीओ ने बताया कि सभी स्कूलों और स्कूल वाहन चालकों को नोटिस भेजे गए हैं। एक सप्ताह में फिटनेस कराने की मोहलत दी गई है। इसके बाद भी न कराने पर इन अनफिट वाहनों के रजिस्ट्रेशन का निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद यह वाहन कबाड़ माने जाएंगे और इनका उपयोग करने पर एफआईआर दर्ज होने के साथ जुर्माने की भी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वाहनों के लिए मानक
-स्कूल वाहन का रंग पीला होना चाहिए।
- वाहन के आगे-पीछे स्कूल प्रधानाचार्य का नाम व मोबाइल नंबर लिखा हो।
- वाहन के दोनों तरफ स्कूल का नाम लिखना आवश्यक है।
- वाहन में सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम चालू हालत में हो।
- वाहन में आपातकालीन द्वार सही स्थिति में हो।
- वाहन की खिड़कियों में ग्रिल लगी हो, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।
- सभी लाइटें, इंडीकेटर, ब्लिंकर चालू हालत में हों।
डीएम की सख्ती का असर, दूर हुआ दलाली का दलदल
उन्नाव। प्रशासन की सख्ती और छापे के बाद बाद एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने में तेजी आई है। जिले के लिए प्रतिदिन 108 लाइसेंस जारी करने का स्लॉट है। अभी तक रोजाना 40 से 50 लाइसेंस बन रहे थे लेकिन अब 80 से 100 लाइसेंस बन रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों के दखल पर अंकुश लगाने के लिए 25 जुलाई को डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर एडीएम विकास कुमार ने छापा मारा था। हालांकि मुखबिरी हो जाने से कार्यालय में धमाचौकड़ी करने वाले दलाल ए़डीएम के पहुंचने से पहले ही निकल गए थे। डीएम की सख्ती का असर यह हुआ कि ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य काम में इन दिनों दलाली बंद है। लोग सीधे कार्यालय पहुंचकर अपने काम करा रहे हैं।
कार्यालय के बाहर स्थित जिन दुकानों से यह गोरखधंधा चलाया जा रहा था, उनके भी पिछले छह दिनों से शटर बंद हैं। एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि जिले के लिए रोजाना 108 लाइसेंस जारी करने का स्लॉट निर्धारित है, वर्तमान में 80 से 100 जारी हो रहे हैं।
नहीं बना ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक
एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक न होने से आरआई ऑनलाइन टेस्ट होने के बाद आवेदकों से वाहन को आगे-पीछे चलवाकर और गियर, इंडीकेटर, डिपर आदि की फौरी जानकारी लेकर लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं। आरआई केके यादव ने बताया कि किसी ड्राइविंग स्कू्ल का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी मान्य होता है। एआरटीओ कार्यालय ने बताया कि बड़ा ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक न बनने तक कार्यालय परिसर में ही एक टेस्टिंग ट्रैक की व्यवस्था कराई जा रही है।