विकासखंड औरास के बहादुरपुर खझड़ी गांव में करीब तीन साल से सस्पेंड कोटे की दुकान का चयन ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया। बहादुरपुर खझड़ी गांव निवासी बीडीसी देवपाल सिंह की हत्या पड़ोसी जनपद हरदोई के संडीला में कर दी गई थी। जिसमें देवपाल सिंह के परिजनों ने गांव के कोटेदार भोलाशंकर को नामित किया था। मामले में कोटेदार को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा होने पर कोटे की दुकान को सस्पेंड कर रामपुर खझड़ी गांव की दुकान से संबद्ध कर दिया गया था। शुक्रवार को नई दुकान के चयन के लिए खुली बैठक आयोजित की गई। जिसमें दो लोगों प्रीति द्विवेदी पत्नी भोला शंकर और विमल चतुर्वेदी पुत्र कृष्ण कुमार के आवेदन आए। ग्रामीणों ने दोनों के पक्ष में हाथ उठाए। गिनती करने पर प्रीति के पक्ष मे 336 व विमल के पक्ष में 362 लोग आए। इस प्रकार विमल ने 26 लोगों का अधिक समर्थन प्राप्त कर कोटे की दुकान पर कब्जा जमाया। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए औरास थानाध्यक्ष विजेन्द्र सिंह पुलिस फ ोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे।