बेहटामुजावर। थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पिछड़ी जाति की दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने साढ़े छह माह की बच्ची को जन्म दिया। 48 घंटे में नवजात की मौत हो गई। पुलिस ने दुष्कर्मी की पुष्टि के लिए नवजात के शव को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा है, वहां डीएनए जांच होगी। उच्च न्यायालय के आदेश पर पीड़िता की दवा, इलाज आदि की व्यवस्था जिला प्रशासन कर रहा है। पीड़िता को आर्थिक सहायता के लिए प्रशासन को पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार है।
बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 17 साल की किशोरी को कन्हईखेड़ा गांव निवासी अनुसूचित जाति का मोहित 28 मई 2024 को बहला-फुसलाकर ले गया था। किशोरी के पिता की तहरीर पर 30 मई को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। 10 जून 2024 को पुलिस ने किशोरी को खोज लिया और मेडिकल कराया तो उसके साढ़े चार माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। चार जुलाई 2024 को आरोपी मोहित ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।
किशोरी व उसके परिजनों ने गर्भपात कराने के लिए उच्च न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। न्यायालय ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के डाॅक्टरों का बोर्ड गठित कर 20 अगस्त 2024 को स्वीकृति दे दी। इस दौरान किशोरी 28 सप्ताह की गर्भवती हो चुकी थी, इससे गर्भपात नहीं हो सका। 23 अगस्त को किशोरी ने जीवित बच्ची को जन्म दिया, अगले ही दिन नवजात की मौत हो गई।
मेडिकल बोर्ड ने नवजात की मौत का कारण और दुष्कर्मी की पुष्टि के लिए नवजात के शव को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि पीड़िता केजीएमयू में भर्ती है। न्यायालय के निर्देश पर दवा-इलाज आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। पीड़िता को आर्थिक सहायता के लिए पत्राचार किया जाएगा।
मोबाइल की दुकान किए था आरोपी
आरोपी मोहित मोबाइल की दुकान खोले थे। किशोरी दुकान पर रिचार्ज कराने जाया करती थी। तभी दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और मोहित का घर आना जाना हो गया। इसका फायदा उठाकर आरोपी किशोरी को ले गया था।