उन्नाव। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में कई साल से लंबित छह हजार लाभार्थियों को पक्के घर के लिए अनुदान मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार ने आवेदकों को पक्का आवास देने की स्वीकृति दी है। डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) ने आवेदकों की पात्रता जांचने के लिए सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निकाय क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जो भूमि होने के बाद भी झोपड़ी या कच्चे मकान में रह रहे हैं, उन्हें सरकार प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए अनुदान देती है। एक आवास पर तीन किस्तों में लाभार्थियों को ढाई लाख की धनराशि दी जाती है। इसमें पहली किस्त 50 हजार, दूसरी किस्त 1.50 लाख और अंतिम किस्त 50 हजार की दी जाती है। जिला नगरीय अभिकरण विभाग की ओर से पात्रों की सूची तैयार कराकर मुख्यालय भेजी जाती है। वर्तमान समय में विभाग के पास छह हजार आवेदन लंबित हैं। इनको अभी पक्के आवास का लाभ नहीं मिल सका है। अनुदान की आस में लाभार्थियों ने सालों पहले आवेदन किया था। सरकार ने अब नए डंप पड़े आवेदनों को भी आवास के लिए अनुदान देने की स्वीकृति दे दी है।
दिसंबर 2022 तक 21319 आवासों का मिला था लक्ष्य
जनपद को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में दिसंबर 2022 तक 21319 आवासों का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष सभी लाभार्थियों का चयन करके किश्तों का आवंटन शुरू करा दिया गया था। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि वर्तमान में लाभार्थियों को ढाई लाख की अनुदान राशि दी जा चुकी है। इसके बाद भी छह हजार आवेदन विभाग में रखे हुए थे। सरकार की हरी झंडी के बाद अब इनकी भी जांच शुरू कराई जा रही है।
दिव्यांग, निराश्रित महिला को प्राथमिकता
विभाग में अभी भी छह हजार आवेदन लंबित हैं। इसकी जानकारी मुख्यालय भेजी जा चुकी है। अब नई गाइडलाइन के तहत इन आवेदनों में पहले स्तर पर दिव्यांग, निराश्रित महिला या झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों को चयनित करके उनका सर्वे कराना है। ऐसे लोगों का जल्द सर्वे शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। द्वितीय चरण में शेष बचे आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
अरविंद सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा।