उन्नाव। हादसे का शिकार हुई निजी बस का संचालक और ट्रैवल एजेंसी मालिक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। एजेंसी में ताला लगा मिला है और संचालक पहले ही घर बदल चुका है। दोनों के मोबाइल भी बंद हैं।
बुधवार सुबह एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में दुर्घटनाग्रस्त स्लीपर बस की फिटनेस एक जनवरी 2022 को खत्म होने, रोड टैक्स 30 नवंबर 2023 से जमा न होने और बस परमिट दो जनवरी 2024 से खत्म होने की पुष्टि जांच में हुई थी। एआरटीओ एके सिंह ने राजस्थान के जोधपुर एनके टॉवर कोहिनूर सिनेमा के पास स्थित मेसर्स केसी जैन ट्रैवल एजेंसी के मालिक सोहन और बस का संचालन करने वाले दिल्ली के पहाड़गंज निवासी चंदन जायसवाल व बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चालक की भी हादसे में मौत हो चुकी है। सोहन और चंदन जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए बांगरमऊ सीओ अरविंद कुमार ने दो पुलिस टीमों को गिरफ्तारी के लिए जोधपुर और दिल्ली भेजा है। हालांकि वहां पहुंची टीमों को ट्रैवल एजेंसी में ताला बंद मिला, जबकि बंस संचालक भी कहीं चला गया है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाए हैं। हालांकि दोनों लोकेशन आसपास के क्षेत्र में ही मिली है। लेकिन बुधवार रात से फोन बंद होने से लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है। सीओ ने बताया कि अन्य माध्यमों से दोनों तक पहुंचने और गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।
परिवहन आयुक्त की टीम करेगी जांच
एक्सप्रेसवे हादसे की जांच के लिए शासन की ओर से परिवहन आयुक्त की ओर से गठित जांच टीम शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण करेगी। मालूम हो कि टीम हादसे की साइंटिफिक क्रैश सहित अन्य बिंदुओं पर जांच करेगी। सीओ ने बताया कि टीम को जांच करनी है, वह किसी भी दिन यहां पहुंच सकती है।
एक्सप्रेसवे व अंडरपास से हटाए गए दोनों क्षतिग्रस्त वाहन
बेहटा मुजावर। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर थानाक्षेत्र में दो दिन पहले हुए हादसे में क्षतिग्रस्त टैंकर और बस को यूपीडा ने हटवा दिया। टैंकर को थाने में और बस टोल प्लाजा पर खड़ी कराई गई है। बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई स्लीपर बस और दूध टैंकर को हादसे के बाद बस को टोल प्लाजा के पास और क्षतिग्रस्त टैंकर को हरदोई रोड अंडरपास के पास खींच कर खड़ा करा दिया गया था। हादसे के खतरे को देखते हुए खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को पुलिस और यूपीडा की टीम ने दोनों वाहनों हटवाया। (संवाद)