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शांति देवी महाविद्यालय में कवि सम्मेलन का आयोजन

Sun, 15 Nov 2015 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो उन्नाव।
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मां शांती देवी महाविद्यालय बेहटामुजावर में बाल दिवस के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने हास्य, ओज और वीर रस से ओतप्रोत रचनाओं से काव्य प्रेमियों को हंसाया तो कभी राजनीति के लिए जातीय उन्माद पर तीखे प्रहार किए। सीतापुर से आए कवि जगजीवन मिश्र ने सरस्वती वंदना से काव्य समारोह की शुरुआत की। उन्होंने पढ़ा कि हमका ललना समझ दुलरावा करौ, हम बुलाई न बुलाई तुम आवा करौ। बाराबंकी से आए कवि दुष्यंत ने देश प्रेम की रचना सुनाते हुए पढ़ा कि बुजदिल है वह मानव जिसमें देश प्रेम का ज्वार नही, वह कायर है जिस को मातृ भूमि से प्यार नही। अमेठी से आए गीतकार रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी प्रलयंकर ने, विश्व गुरु भारत स्वरूप दिखला चुका है, दो सौ देश शिष्य बने सारा जग जान चुका है। सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। हास्य कवि केडी शर्मा हाहाकारी ने चुनाव लड़ने वाले नेताओं पर व्यंग्य करते हुए। कहा, लाड़ो मेरे भइया लड़ो मेरे काका आया है चुनावी धमाका। कुर्ता पैजामा लकालक है, दरूहन की अब तो सहालग है भइया,। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल एवं विशिष्ठ अतिथि विधायक बदलू खॉ को साल व स्मृति चिन्ह विद्यालय प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह ने भेट कर सम्मानित किया। इस मौके पर शिक्षक नेता धीरेंद्र शुक्ल,देवेंद्र यादव, प्रधानाचार्य प्रताप सिंह, अशोक सिंह, पूर्व प्रमुख नागेंद्र सिंह, सुधीर गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र प्रताप सिंह तथा संचालन वरिष्ठ कवि विकास बौखल ने किया।
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