संवाद न्यूज एजेंसी
अचलगंज (उन्नाव)। बंथर औद्योगिक क्षेत्र स्थित केएलसी (कानपुर-उन्नाव लेदर क्लसटर डेवलपमेंट कंपनी) में दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन और उत्पाद प्रदर्शनी के दूसरे दिन खरीदारों की भीड़ रही। विभिन्न उत्पादक कंपनियों को दो दिन में 350 करोड़ के आर्डर मिले।
इंडियन फुटवियर कंपोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से केएलसी कांप्लेक्स में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन और दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के दूसरे दिन गुरुवार को खरीदारों की भीड़ रही। उम्मीद से अधिक का आर्डर मिलने पर उद्यमी खुश नजर आएं। सबसे अधिक मांग देसी उत्पादों की रही। चीन की घटिया क्वालिटी से तंग उद्यमियों ने स्वदेशी उत्पादों पर भरोसा दिखाया।
एसोसिएशन के डायरेक्टर शरद कांत वर्मा ने बताया कि आयोजन बहुत ही सफल रहा। एक ही छत के नीचे मशीनरी से लेकर कच्चे माल की उपलब्धता से उद्यमी भी खुश रहे। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न कंपनियों ने यहां स्टॉल लगाया। विभिन्न कंपनियों को दो दिन में 350 करोड़ का ऑर्डर मिला है।
सम्मेलन में दिल्ली, नोएडा, कानपुर, मुंबई आदि जगहों से 70 से अधिक उद्यमियों ने स्टाल लगाया। बताया कि आज भारत हर क्षेत्र में आत्म निर्भर हो रहा है। चमड़ा उद्योग में कच्चे माल और मशीनों के लिए विदेशों पर निर्भर थे, लेकिन आज अधिकांश वस्तुएं भारत में ही बनने लगी हैं। विदेशों की अपेक्षा स्वदेशी वस्तुओं की कीमतें कम होने के कारण हमारे उत्पाद भी कम लागत में तैयार हो रहे हैं। इससे हमारे उद्यमी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा कर पा रहे है।
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ऑर्डिनेंस फैक्टरी के सदस्यों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्टरी की ओर से तीस सदस्यों का एक दल भी प्रदर्शनी देखने गुरुवार को पहुंचा। ऑर्डिनेंस के कर्मचारी वीरेश निगम ने बताया कि फैक्टरी की अलग-अलग इकाइयों से आए प्रतिनिधि दल ने सेना के लिए बनाए जाने वाले जूतों व अन्य चीजों के लिए उत्पादों का अवलोकन किया है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
उद्यमियों की बात
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रिंबल कंपनी के प्रोडक्ट मैनेजर सुमेंद्र ने बताया कि उन्होंने हल्के जूता सोल का निर्माण किया है। जोकि अभी तक बाजार में मिलने वाले सोल से तीस प्रतिशत तक हल्का है। इससे खास केमिकल तैयार किया गया है। बताया कि ऑर्डिनेंस फैक्टरी से आए प्रतिनिधियों ने मिलिट्री जूतों के लिए इस सोल को अच्छा माना है। बताया कि बंगलादेश और भूटान से भी केमिकल के ऑर्डर आए हैं।
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ईको शू एक्सेसरीज के मालिक जाहीन उस्मानी ने बताया कि आम तौर पर अभी तक जूतों की सिलाई के लिए चीन की मशीनों को पसंद किया जाता था। लेकिन अब लोग स्वदेशी मशीनों पर भरोसा कर रहे है। बताया कि गुणवत्ता के मामले में हम चीन से आगे हैं। बताया कि पांच करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। साथ ही नए उद्यमियों के साथ व्यापार की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।