उन्नाव। अमृत योजना में टोंटी चोरी का मामला सामने आया है। घरों में कनेक्शन और मीटर तो लगा दिए गए, लेकिन आधे से ज्यादा घरों की टोंटी मार दी। जबकि योजना में हर घर में पीतल की एक टोंटी भी लगानी थी।
शहर के हर घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम 264 करोड़ की अमृत योजना पर काम कर रहा है। 285 किमी. भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के साथ ही 30298 घरों में निशुल्क कनेक्शन और एक टोंटी भी मुफ्त लगानी है। लेकिन कनेक्शन लगा रही कार्यदायी संस्था ने आधे से ज्यादा ज्यादा घरों में टोंटी नहीं लगाई है।
विभाग के सूत्रों के अनुसार टेंडर की शर्त के मुताबिक कार्यदायी संस्था को हर कनेक्शन में अच्छी किस्म की पीतल की टोंटी लगाने का भी प्रावधान है। इस एक टोंटी की अनुमानित कीमत करीब 150 रुपये है।
सिविल लाइंस निवासी शुभम जायसवाल, उत्तम कुमार, शिवम सिंह, राजेंद्र शुक्ला, आदर्शनगर के सत्येंद्र कुमार, सुरेश, राजकिशोर, सुमित्रा, सुमन आदि ने बताया कि भूमिगत पाइप लाइन से घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन देकर पानी का मीटर और मीटर बॉक्स भी लगाया गया है, पर टोंटी नहीं लगाई गई। इन लोगों ने बताया कि इसके स्थान पर प्लॉस्टिक की कैप लॉक लगाकर बंद कर दिया है, कहीं इसे खुला ही छोड़ दिया गया है। भविष्य में जलापूर्ति शुरू होने पर टोंटी खुद खरीदकर लगानी पड़ेगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लक्ष्य के मुताबिक पहले चरण में शहर के 30298 घरों में केवल टोंटी लगाने पर करीब 4.50 लाख रुपये खर्च आएगा, लेकिन निर्माण एजेंसी के पेटी ठेकेदार टोंटी न लगाकर घालमेल कर रहे हैं। संवाद
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सत्यापन करने के बाद ही किया जाएगा भुगतान
अमृत योजना का काम करा रही एजेंसी पर घटिया काम और लेटलतीफी पर इसी महीने 5.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। चेतावनी नोटिस भी दिया गया है। एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाते हुए केवल दो महीने की और मोहलत दी गई है। काम पूरा होने के बाद हर घर के कनेक्शन का सत्यापन और एक-एक टोंटी व जलापूर्ति जांचने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
- पंकज रंजन झा- एक्सईएन, जल निगम