उन्नाव। जिले की कई सड़कें सालों से बजट के इंतजार में उखड़ी पड़ीं हैं। शहर की मुख्य सब्जी मंडी से कोतवाली तिराहे तक सीसी मार्ग निर्माण को दो साल पहले भेजे गए 16 करोड़ के प्रस्तावों को अभी मंजूरी नहीं मिली है। वहीं निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे में मिट्टी भरान में लगे डंपरों से क्षतिग्रस्त हुई 36 सड़कों की मरम्मत के लिए डेढ़ साल बाद भी 25 करोड़ नहीं मिले हैं। इससे लोगों को हिचकोले खाते सफर करना पड़ रहा है।
छह तहसीलों के 76 गांव से गंगा एक्सप्रेसवे निकल रहा है। इस समय एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। निर्माण में मिट्टी भरान का काम किया जा रहा है। भरान में मिट्टी नजदीक के गांवों से डंपरों के माध्यम से लाई जा रही है। इन डंपरों से ओवरलोड मिट्टी की अंधाधुंध ढुलाई हो रही है, जिससे क्षेत्र की सड़कें दम तोड़ चुकी हैं। पूर्व में पीडब्ल्यूडी ने क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का सर्वे कराया था। सर्वे के बाद जो रिपोर्ट तैयार हुई थी, उसमें 36 सड़कों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी। इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 33 किलोमीटर है और निर्माण में करीब 25 करोड़ का खर्च आया था। विभाग ने डेढ़ साल पहले यह सूची गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था यूपीडा को भेजकर मरम्मत के लिए पैसे की मांग की थी। आज तक यूपीडा ने पैसा नहीं दिया है। जिससे सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में समाई हुई हैं और लोग हिचकोले खाते सफर कर रहे हैं।
2022 में सीसी रोड के लिए भेजा गया 16 करोड़ का प्रस्ताव अटका
उन्नाव। पीडब्ल्यूडी साल में दो से तीन बार सब्जी मंडी से लेकर कोतवाली तिराहे तक की सड़त का पैचवर्क कराता है। इस मार्ग पर जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दौरान पानी रोड पर ही भरने से डामर रोड जल्द खराब हो जाती है। जिस पर 2022 में पीडब्ल्यूडी ने समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए दोनों तरफ एक, एक मीटर का नाला व मार्ग के दोनों साइड पर नौ, नौ मीटर की सीसी रोड बनाने का 16 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। 2023 में शासन ने नाला निर्माण व पैचिंग के लिए 1.5 करोड़ का बजट दे दिया लेकिन सीसी रोड के लिए भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। नाला निर्माण तो लगभग पूरा हो चुका है लेकिन सीसी रोड का निर्माण नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, खस्ताहाल सड़क की मरम्मत अब डामर से करा तो दी जाएगी लेकिन मार्ग पर यातायात अधिक होने से डामर कितने दिन चलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
यह हैं प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्ग
-ब्लाक गंजमुरादाबाद के रानीपुर ग्रांट से चकहनुमान संपर्क मार्ग
-बांगरमऊ संडीला मार्ग के किमी 28 से कैनाल पटरी से दशगवां वाया महोलिया हरईपुर संपर्क मार्ग
-पंचमखेड़ा से महोलिया संपर्क मार्ग
-अशायस व धानीखेड़ा संपर्क मार्ग
-नौसहरा मार्ग के किमी तीन से तमोरिया खुर्द संपर्क मार्ग
-ब्लाक सफीपुर का मियागंज मार्ग से सिद्धनाथ बस्ती संपर्क मार्ग वाया नानी कोठरिया
-लहबरपुर संपर्क मार्ग
-मवई लाल वाया उदशाह संपर्क मार्ग।
-पुरवा बीघापुर से अटवट संपर्क मार्ग।
-बीघापुर कटाव संपर्क मार्ग।
-गढ़ाकोला चमियानी मार्ग।
-सोनिक से पिपरोसा वाया शहजादपुर मार्ग।
-बिछिया के सागरदेव बाबा मंदिर से गंगाखेड़ा संपर्क मार्ग।
-कानपुर लखनऊ हाईवे से अलगनगढ़ वाया जमुनिया रेलवे क्राॅसिंग संपर्क मार्ग।
शहर में सीसी रोड बनाने के लिए पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की जानकारी करके इसकी पैरवी की जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि जल्द बजट मिल जाए। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के डंपरों से क्षतिग्रस्त मार्गों की भी मरम्मत संबंधित विभाग से कराने का प्रयास किया जाएगा।
गौरांग राठी, डीएम।