विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए 11 से 26 जुलाई 2017 तक रखा गया था
मनोरंजन के लिए बैरक में लगाया गया था टीवी, सुविधा के लिए कमोड
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। माफिया और तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी ने 2017 में 15 उन्नाव जिला जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में गुजारे थे। घुटनों में दर्द की शिकायत पर उसके लिए कमोड और मनोरंजन के लिए टीवी भी लगवाया गया था।
उस समय बसपा से विधायक रहे मुख्तार अंसारी को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए 11 जुलाई 2017 को बांदा से उन्नाव जेल में शिफ्ट किया गया था। यहां से उसे कड़ी सुरक्षा में लखनऊ विधानसभा ले जाया जाता था।
इस दौरान मुख्तार के गुर्गे शहर में रहकर लगातार हर गतिविधि पर नजर रखे रहे थे। बांदा से एक सीओ, चार दारोगा और एक प्लाटून पीएसी उसकी सुरक्षा में भेजी गई थी। जेल में मोबाइल या बाहर से खानपान की चीज जेल में जाने से रोकने के लिए एक सब इंस्पेक्टर और दीवान को गेट पर चौबीसों घंटे तैनात किया गया था।
मुख्तार के गुर्गे या उसके दुश्मन किसी होटल, ढाबा या धर्मशाला में शरण लेकर किसी वारदात को अंजाम न दे दें, इसके लिए तत्कालीन एसपी नेहा पांडेय ने सघन चेकिंग अभियान चलाया था और बिना आईडी लोगों को ठहराने वाले होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।
विधानसभा सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए उसे 15 दिन कड़ी सुरक्षा में उन्नाव जेल से सुबह लखनऊ ले जाने और शाम को वापस जेल लाने की जिम्मेदारी तत्कालीन सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह को दी गई थी। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद 26 जुलाई 2017 को उसे फिर बांदा जेल पहुंचा दिया गया था।