सोनिक। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर रात 1:30 बजे तेज रफ्तार दूध भरा टैंकर आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गया। हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई। हादसे में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। क्षतिग्रस्त टैंकर 16 घंटे बीच सड़क पर खड़ा रहा। इस दौरान कई वाहन टकराते बचे।
महाराष्ट्र प्रांत के जिला अहमद नगर के सदर कोतवाली क्षेत्र के श्रमपुर निवासी नैनेश्वर मोरे (40) दूध टैंकर चलाते थे। रविवार रात दूध लेकर महाराष्ट्र से बाराबंकी जा रहे थे। रविवार रात करीब 1:30 बजे कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही थानाक्षेत्र के गढ़ी गांव के सामने आगे चल रहे ट्रेलर चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगाई तो टैंकर उसमें पीछे से टकरा गया। तेज टक्कर होने से कंटेनर का केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और चालक की उसी में फंस गया।
पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उधर, हादसे के बाद चालक ट्रेलर लेकर भाग गया। मृतक के पास मिले ड्राइविंग लाइसेंस से नाम-पते की जानकारी हुई। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस के माध्यम से चालक के परिजनों को सूचना दी गई। मृतक के भाई झाणेश्वर रघुना मोरे ने फोन पर बताया कि नैनेश्वर दो भाइयों में बड़ा था। पत्नी निर्मला, मां मालन बाई और दो बच्चे हैं।
उधर हादसे में क्षतिग्रस्त दूध टैंकर हाईवे पर बीच सड़क पर खड़ा रहा। इससे कई वाहन टकराने से बचे। सोमवार शाम 4:30 बजे तक पुलिस ने टैंकर नहीं हटवाया। दही थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि नैनेश्वर के परिजनों को सूचना दी गई है। भाई व अन्य लोग उन्नाव आ रहे हैं। क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाने के लिए टोल प्लाजा संचालक और एनएचएआई को सूचना दी गई है।