संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, महामंत्री सहित कार्यकारिणी के पांच पदाधिकारियों की सदस्यता निलंबित कर दी गई है। वर्तमान कार्यकारिणी ने निलंबन के साथ ही दो भवनों व अधिवक्ता चेंबर्स निर्माण की जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी चार मार्च को रिपोर्ट देगी।
गुरुवार को स्थानीय बार एसोसिएशन सभागार में अध्यक्ष सतीश शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में विगत वर्ष पूर्व कार्यकारिणी द्वारा कराए गए सरदार पटेल व डाॅ. आंबेडकर भवन के साथ अधिवक्ता चेंबर्स के निर्माण कार्य में हुई धांधली एवं भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व कार्यकारिणी द्वारा अनियमित कार्रवाई की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी चार मार्च को जांच रिपोर्ट सदन के सामने रखेगी।
बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष राम सुमेर सिंह, महामंत्री अजय गौतम, कोषाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार पाल, संयुक्त मंत्री अमित तिवारी व वरिष्ठ सदस्य कार्तिकेय सिंह को निर्माण में प्रथम दृष्टया अनियमितता में दोषी पाते हुए उन्हें बार की सदस्यता से निलंबित करने का आदेश भी पारित किया गया। उन्हें यह भी निर्देशित किया वह जांच समिति के सामने आय व्यय के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
जांच समिति अपनी रिपोर्ट कार्यकारिणी के समक्ष 29 फरवरी तक प्रस्तुत करेगी। अधिवक्ता चेंबर्स आवंटियों को भी निर्देश दिया कि वह अपने आवंटन के संबंध में 30 हजार रुपये की धनराशि जमा करके बार एसोसिएशन से अपनी रसीद प्राप्त कर लें। आगे का निर्णय चार मार्च को सदन के समक्ष लिया जाएगा।
बैठक में महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित, चंद्रमूल सिंह, कमलेश सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, दीप नारायण त्रिवेदी, नरेंद्र अवस्थी, विनोद कुमार पाठक व विजय तिवारी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।