पाटन। मीनराम द्विवेदी ‘नवीन’ की जयंती पर उनके गांव नैकामऊ में जंयती समारोह का आयोजन हुआ। यहां मनीषियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह के मुख्य अध्यक्ष व वक्ता डॉ. गणेश नारायण शुक्ल ने कहा कि ऐसे मनीषियों का पूर्ण स्मरण समाज को जागृत करता है। हम अपने बुजुर्गों का सम्मान करके उनके प्रति कृतज्ञता तो व्यक्त करते ही हैं आने वाली पीढियां को भी संस्कार देते हैं। ऐसे आयोजन साहित्य को भी जनता से जोड़ते हैं। मनीराम द्विवेदी नवीन उस युग का सत्य लिख रहे थे, आज के कवि वर्तमान युग के सत्य के साथ उनका सम्मान करते हैं। नवीन जी ने समाज की विभिन्न कुरीतियों पर जमकर प्रहार किया है। नवीन जी ने बेखौफ होकर समाज और सरकार दोनों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस अवसर पर नवीन सम्मान से अलंकृत होने वाले साहित्यकार डॉ. महादेव सिंह ने पर्यावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर कवियों ने रचनाएं भी सुनाईं। शिवकरण सिंह, कमलेश शुक्ल, नरेंद्र सिंह ,संपत्ति कुमार सिंह, शिवकरण सिंह, महादेव ने कविता पाठ कर नवीन जी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर नवीन संस्था की ओर से नूतन कहानियों के संपादक संपत्ति कुमार मिश्रा तथा शिक्षक शिवकरण सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष ने नवीन जी की प्रतिमा का माल्यापर्ण किया। जागेश्वर अवस्थी, विनोद सिंह, शिवनाथ सिंह, राम मोहन द्विवेदी , समरेंद्र बहादुर सिंह, रामकरण सिंह, शिक्षक रमेश सिंह भी मौजूद रहे।