उन्नाव। शहर में गलियों से लेकर मुख्य मार्गों पर खुले मेनहोल जानलेवा साबित हो रहे हैं। राजेपुर मोहल्ले से पांच दिन से लापता किशोर का शव खुले नाले में मिलने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद पालिका अधिकारी मेनहोलों और नालों को ढकवाने की जगह लापरवाही पर पर्दा डाल रहे हैं। पुलिस की जांच में किशोर के नाले में गिरकर डूबने से मौत की बात सामने आई है। जबकि नगर पालिका के अधिकारी इस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि नाला इतना गहरा नहीं कि कोई उसमें डूब जाए।
शहर में जगह-जगह खुले मेनहोल और नालों के ढक्कन मुसीबत बने हैं। शहर के सबसे ज्यादा भीड़ वाले बड़ा चौराहा पर धवनरोड बाजार मोड़ पर खुला मेनहोल लोगों के लिए मुसीबत बना है। यहां अक्सर महिलाएं गिरकर घायल होती हैं। इसी के सामने कचौड़ी गली को जाने वाले मोड़ पर करीब तीन साल बाद नगर पालिका ने लोहे का जाल डलवा कर मेनहोल को बंद तो कराया, लेकिन जाल घना न होने से लोगों का पैर अक्सर अंदर चला जाता है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। करीब 20 दिन पहले कचौड़ी गली की ओर जा रहे एक बुजुर्ग का पैर अंदर चला गया था। आसपास मौजूद पुलिस कर्मियों ने लोगों की मदद से उसे निकाला था।
इसके अलावा, एबी नगर, लोकनगर, आदर्शनगर, मोतीनगर सहित कई स्थानों पर नालों के पत्थर टूटे होने से राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ हैं। आवास विकास कालोनी में मुख्य मार्ग किनारे स्थित नाले में रविवार दोपहर राजेपुर मोहल्ला निवासी 17 वर्षीय शिवा का शव मिला था। वह 23 जुलाई से लापता था। परिजनों ने हत्या करके शव को नाले में फेंकने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस की जांच में नशे की हालत में नाले में गिरने और डूबकर मौत होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में किशोर 23 जुलाई को सुबह 10:15 बजे बाईपास पर स्थित शराब ठेके से दो पौवा शराब खरीदते हुए दिखा है। इसके बाद करीब 11:30 बजे वह पेड़ की छाया में नाले पर कुछ देर तक बैठा दिख रहा है।
इसके बाद वह वहीं पर लेट जाता है। करीब 10 मिनट बाद वह उठता है और कुछ देर बाद फिर लेटने के दौरान खुले नाले में गिर जाता है और बाहर नहीं निकलता है। इस दौरान आसपास कोई मौजूद नहीं दिख रहा है। पुलिस ने हत्या का आरोप लगा रहे मृतक के परिजनों को भी यह फुटेज दिखाया है।
जिम्मेदारों की बात
जांच के दौरान घटना की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है। किशोर नशे में दिख रहा है। कुछ देर बाद वह नाले की पटिया पर लेट जाता है और फिर एक पत्थर न होने से खुले नाले में गिर जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने से मौत की बात सामने आई है।
- सोनम सिंह, सीओ सिटी
जिस नाले में गिरने से किशोर के मौत की बात कही जा रही है वह बहुत गहरा नहीं है। इस समय उसमें पानी भी नहीं है। ऐसे तो कई जगह नाले खुले होते हैं, सभी को बंद कराना संभव नहीं होता। सड़क किनारे के नालों पर जहां भी पत्थर नहीं हैं या टूट गए हैं, उन्हें बंद कराया जा रहा है।
- विवेक वर्मा, अभियंता नगर पालिका
-
नालों और मेनहोल के पत्थरों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने बकाया का भुगतान न होने से आपूर्ति बंद कर दी थी। भुगतान कर दिया गया है और पत्थर व ढक्कन भी आ गए हैं, उन्हें नाली-नालों पर रखवाया जा रहा है।
- श्वेता मिश्रा, अध्यक्ष नगर पालिका