हसनगंज। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सई नदी में गहरे पानी में जाने से निजी स्कूल के छात्र और शिक्षक की डूबने से हुई मौत की घटना में पहले छात्र फिर शिक्षक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक छात्र के पिता की ओर से प्रबंधक और प्रधानाचार्या पर गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद प्रबंधक ने प्रधानाचार्या को नौकरी से निकाल दिया। प्रधानाचार्या को जब इसकी जानकारी हुई तो उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
मोहान नगर पंचायत के एएलवाई मैनपुरिया इंटर कॉलेज में गणेश पूजन के बाद शनिवार को सई नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान लखनऊ के थाना सरोसा के पारा निवासी शिक्षक अभिषेक सोनी (27) और कक्षा 12 के छात्र हरदोई जिले के थाना मल्लावां के गांव भूलभवानीपुर निवासी छात्र जयवीर यादव (16) की डूबकर मौत हो गई थी। घटना में मृतक छात्र के पिता रामधार ने स्कूल प्रबंधक हरिप्रकाश यादव और प्रधानाचार्या उपासना के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दोनों के शवों का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। मृतक शिक्षक के पिता पप्पू सेठ ने भी प्रबंधक और प्रधानाचार्या के खिलाफ लापरवाही से घटना होने की तहरीर दी है। घटना के बाद प्रबंधक ने महिला प्रधानाचार्या को स्कूल से निकाल दिया है। इससे उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीओ संतोष सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले से ही रिपोर्ट दर्ज है। उसी में तहरीर देने वालों में शिक्षक के पिता का नाम बढ़ा दिया जाएगा।
सई नदी में भक्त गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जाते हैं। यह नगर पंचायत प्रशासन को पहले से जानकारी के बाद भी सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। शासन से निर्देश हैं कि प्रतिमा को भू विसर्जित किया जाए उसके बाद भी प्रतिमाओं को जल में विसर्जित किया जा रहा था। दो मौतों के बाद रविवार को ईओ संतोष चौधरी ने सई नदी के पास बने मंदिर से 100 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कराई। साथ ही जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर उसी में प्रतिमा विसर्जित करने के लिए कहा है।
बांगरमऊ। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान शनिवार को हसनगंज में सई नदी में डूबकर निजी स्कूल के शिक्षक और छात्र की मौत की घटना के बाद रविवार को सदर कोतवाली में कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह ने आयोजकों के साथ बैठक की। निर्देश दिया कि नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक है, साथ ही लोग नदी में नहाना तो दूर नदी किनारे भी नहीं जा सकेंगे। यह सुनिश्चित करना आयोजकों की भी जिम्मेदारी होगी। सुरक्षा को देखते हुए गोताखोर, पुलिस बल और पीएसी भी रहेगी।