संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। हिट एंड रन कानून में बदलाव और सख्ती के विरोध में दूसरे दिन भी ट्रक चालकों ने चक्का जाम जारी रखा। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बजेहरा मोड़ पर ट्रक चालकों ने सुबह दस बजे हाईवे पर प्रदर्शन किया इस दौरान टैक्सी व अन्य चार पहिया वाहनों को भी रोकने का प्रयास किया तो विवाद शुरू हो गया। इस दौरान सादी वर्दी में एसओजी सिपाहियों से भी धक्कामुक्की की।
सोहरामऊ थाना पुलिस ने पहुंचकर चालकों को समझाकर सड़क से हाटाया। दो घंटे बाद मामला शांत हुआ। मौरावां-मोहनलालगंज मार्ग पर भी वाहन चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इससे विभिन्न मार्गों पर हजारों ट्रक और टैंकर हाईवे किनारे व खाली स्थानों पर खड़े रहे और व्यस्त रहने वाला लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सन्नाटा रहा।
हड़ताल के कारण औद्योगिक क्षेत्र स्थित एचपी गैस प्लांट दूसरे दिन भी बंद रहा। इस प्लांट से प्रदेश के 32 जिलों को रोजाना होने वाली 40 हजार सिलिंडिरों की आपूर्ति दो दिन से ठप है। नवीन मंडी में भी नासिक और कश्मीर से ट्रक न आ पाने से प्याज और सेब की सप्लाई रुक गई है। आढ़ती स्थानीय किसानों से सब्जी खरीदकर दूसरे जिलों में नहीं भेज पा रहे हैं इससे किसान औने-पौने दाम में उपज बेचने को मजबूर हैं।
मंगलवार दोपहर से पंपों पर पेट्रोल व डीजल की कमी शुरू हो गई। इससे पंपों पर वाहनों की कतारें लग गईं। देर शाम तक कई पंपों में पेट्रोल खत्म हो गया। वहीं औद्योगिक इकाईयों में उत्पादन प्रभावित होने से करीब साठ करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ।
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प्रदर्शन, पथराव के बीच पुलिस ने पटकी लाठियां, आठ हिरासत में
- हिट एंड रन कानून में सख्ती के खिलाफ हाईवे पर उतरे चालक
- बड़ी व टैक्सी गाड़ियों को रोकने पर हुई तकरार, दो घंटे हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज। यातायात नियमों में सख्ती से नाराज वाहन चालकों के चक्का जाम के दूसरे दिन मंगलवार को भी ट्रक चालकों ने सोहरामऊ थाना क्षेत्र में हाईवे के बजेहरा मोड़ पर प्रदर्शन किया। इससे सुबह नौ से 11 बजे तक अफरातफरी रही। इस दौरान चालकों की वाहन सवार लोगों से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने गाली गलौज करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ का प्रयास किया। सुबह करीब दस बजे हाईवे से जा रहे एसओजी के जवानों ने रोकने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी जीप पर पत्थर फेंके। टीम भागकर सोहरामऊ थाने पहुंची इसके पाद पहुंची पलिस ने लाठियां पटक कर प्रदर्शकारियों को तितर बितर किया। पुलिस ने आठ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।
लखनऊ कानपुर हाईवे पर सोहरामऊ थाना क्षेत्र में बजेहरा गांव के पास मंगलवार सुबह नौ बजे एक बार फिर से चालकों ने प्रदर्शन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यहां तैनात पुलिस जवान मूकदर्शक बने रहे। प्रदर्शनकारी लखनऊ और कानपुर से आने वाले भारी वाहनों और टैक्सी कोटे के वाहनों को भी रोक कर लौटाने लगे। इससे प्रदर्शनकारियों की उनसे नोकझोंक भी हुई।
इसी दौरान लूट की एक घटना में जांच करके लौट रहे एसओजी इंस्पेक्टर शरद कुमार व उनकी टीम ने वाहनों में तोड़फोड़ की नौबत बनते देख प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो सादी वर्दी में होने से वह उनसे भी भिड़ गए। सिपाहियों ने बचाव के लिए पिस्टल निकाला तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे एसओजी टीम की गाड़ी का एक शीशा भी टूट गया। टीम दूसरे रास्ते से सोहरामऊ थाने पहुंची इसके बाद सोहरामऊ एसओ कमल दुबे फोर्स के साथ पहुंचे और लाठियां पटक कर हाईवे से खदेड़ा।
इस दौरान आठ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसओ ने बताया कि वीडियो और फोटो के माध्यम से चिन्हित किया जा रहा है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट भी दर्ज की जाएगी।
चालकों की बात
वाहन चालकों का कहना है कि कानून में सख्ती ठीक है लेकिन हमेशा गलती बड़े वाहन के चालक की ही नहीं होती। अगर वाहन चालक घायल को बचाने और अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकता है तो भीड़ उसे पीटकर अधमरा कर देती।
- बिहार निवासी चालक दयानंद दास ने बताया कि ऐसे कानून से उनके बच्चे और परिवार तबाह हो जाएंगे। पांच-दस हजार की नौकरी करने वाले चालक लाखों का जुर्माना कहां से भर पाएंगे।
- महराजपुर सनदरवां निवासी मंजेश कुमार ने बताया कि कोई भी चालक जानबूझ कर किसी को टक्कर नहीं मारता। सरकार को चाहिए सड़क की लेनों को विदेशों जैसी चौड़ी कर ट्रक व अन्य भार वाहनों के लिए अलग लेन की व्यवस्था करे इसके बाद इस तहर के सख्त कानून लेकर आए।
- आजमगढ़ के चालक रामानुज ने इसे काला कानून बताया। लहरदीप ने बताया कि ट्रक चलाने वाले गरीब इतने सक्षम नही होते की इतनी बड़ी रकम की भरपाई कर सकें।
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सवारियां पैदल निकलीं
प्रदर्शनकारी चालकों द्वारा गाड़ी लौटाने पर सवारियां मौके पर उतरने लगी। इस दौरान कई सवारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया,लेकिन नही माने। जिसके बाद सभी को पैदल निकलना पड़ा। निजी बसों के चालक भी हड़ताल पर होने से हाईवे बाइपास, गदनखेड़ा बाइपास, हरदोई रोड, बागमरऊ, हसनगंज, औरास, बीघापुर सहित अन्य स्थानों पर लोगों यात्रा के लिए सवारी साधनों के लिए भटकना पड़ा। जिसे जो साधन मिला उसी से जैसे-तैसे सफर पूरा किया।