उन्नाव। घर बुलाकर युवक की कुल्हाड़ी से हत्या करने के दोषी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। घटना सात साल पहले की है।
बारासगवर थानाक्षेत्र के करनाईपुर गांव निवासी उमा देवी ने 28 अगस्त 2016 को गांव के ओमशंकर, रमेश और सोनू पर अपने बेटे रामजी तिवारी की कुल्हाड़ी और लाठी डंडों से हमला कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उमादेवी का आरोप था कि मोहल्ला निवासी रमेश उसके बेटे रामजी को बातचीत के बहाने अपने घर लेकर गया था। जहां उसकी हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुल्हाड़ी बरामद करते हुए ओमशंकर को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद ओमशंकर के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक में मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुशवाहा की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर दोष साबित होने पर न्यायाधीश अल्पना सक्सेना ने ओमशंकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।