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Unnao News: बेटी से जबरन शादी के विरोध पर पिता की हत्या में तीन को उम्रकैद

Sat, 17 Feb 2024 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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-फास्ट ट्रैक न्यायालय प्रत्येक पर 48 हजार का लगाया गया जुर्माना
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। बेटी से जबरन शादी करने का विरोध करने पर ईंट-भट्ठा मजदूर पिता की हत्या करने के मामले में तीन दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। फास्ट ट्रैक न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 48 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मृतक की पत्नी को 75 हजार रुपये प्रतिपूर्ति सहायता के तौर पर देने होंगे।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के पियारेखेड़ा मजरे सैता गांव निवासी महिला केसपति ने बांगरमऊ कोतवाली में जून 2014 को पति मंशाराम की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें भट्ठे पर मजदूरी करने वाले मंजेश पासी, रजोले निवासी शादीपुर बांगरमऊ, कमलेश पासी निवासी नगरा मजरा अतरधनी थाना बांगरमऊ, सिद्धनाथ उर्फ चवन्नी निवासी बीबीपुर थाना बिल्हौर कानपुर नगर पर पति हत्या का आरोप लगाया था।
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महिला ने बताया था कि वह बांगरमऊ में बदलू खां के भट्ठा पर ईंट पथाई करती है। मंजेश पासी भी यहां काम करता था। मंजेश उसकी बेटी पुष्पा से जबरन शादी करना चाहता था। पति इसका विरोध करते थे। इसी रंजिश में आठ जून को कमलेश, रजोले व सिद्धनाथ उर्फ चवन्नी रैदास मौके पर आए। हमलावर पति को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया।
घटना के वक्त पुत्री पुष्पा भी मौजूद थी। मंशाराम की मौत हो गई थी। पुलिस ने मंजेश, रजोले, कमलेश, सिद्धनाथ को जेल भेजा था। विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष ऋषिकांत शुक्ला ने की। उन्होंने 12 जनवरी 2015 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस दौरान आरोपी कमलेश की मौत हो गई थी। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में अभियोजन पक्ष से वकील दीपक मिश्रा की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने सजा सुनाई।
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गैंगस्टर में दोषी को तीन साल की कैद
उन्नाव। गैंगस्टर एक्ट में दोषी को तीन वर्ष की कैद और पांच हजार का जुर्माना लगाया गया। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के जाजामऊ गांव निवासी नौशाद पर पुलिस ने वर्ष 2020 में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। आरोपी थाना क्षेत्र में गोकशी, गोतस्करी, हत्या का प्रयास,लूट व भय कायम कर धनोपार्जन करता था। विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष हरिकेश राय ने की। नौशाद के खिलाफ चार सितंबर 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया। शुक्रवार को अभियोजन पक्ष से हरीश अवस्थी, अलंकार द्विवेदी और विश्वास त्रिपाठी की दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला जज पंचम शिप्रा आर्या ने नौशाद को सजा सुनाई। संवाद
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