उन्नाव। जिले में संचालित छह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का बीएसए ने जिला समन्वयक और एसआरजी टीम के साथ निरीक्षण किया। इसमें छात्राओं की उपस्थित कम होने पर नाराजगी जताई।
जिले में संचालित 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय एक जून से बंद हो रहे हैं। इससे पहले विद्यालयों में पढ़ाई, छात्राओं की उपस्थिति जांचने के साथ क्या कमियां हैं इसकी जानकारी के बीएसए ने निरीक्षण शुरू किया है। बुधवार को बीएसए ने एसआरजी (स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों) और जिला समन्वयकों के साथ औरास, असोहा, हिलौली, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी और मियागंज ब्लॉक में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय में अवस्थापना सुविधाओं के साथ अभिलेखों, छात्र उपस्थित, विद्यालय व्यवस्था सामग्री वितरण की जांच की। औरास में नामांकित 100 छात्राओं के सापेक्ष 80 छात्राएं उपस्थित मिलीं। अनुपस्थित छात्राओं की जानकारी ली गई तो पता चला परिजन शादी कार्यक्रमों के चलते साथ ले गए। स्कूल के बगल की बाहरी दीवारों पर प्लास्टर उखाड़ता मिला। दीवार के आसपास कीचड़ फैला मिला। शौचालय के दरवाजे के साथ फर्श खराब मिली। यही हाल असोहा केजीबीवी का रहा। उन्होंने जिला समन्वयक रामप्रकाश मिश्र से जानकारी ली तो पता चला कि बजट अनुमोदन के लिए राज्य परियोजना कार्यालय को पत्र भेजा गया है। वहां से बजट मिलने के बाद ही आगे का काम किया जाएगा। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि दो कस्तूरबा स्कूलों में खामियां मिली हैं। उन्हें दूर कराने के प्रयास किया जा रहे हैं।