हसनगंज (उन्नाव)। कोतवाली क्षेत्र के एक निवासी अनुसूचित जाति के युवक का किशोरी के घर में शव लटका मिला था। इसी मामले में आईजी के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम मृतक के घर पहुंची। परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने ताला तोड़कर साध्य जुटाए।
हसनगंज कोतवाली के एक गांव निवासी रामप्रसाद रावत के बेटे दीपक (22) का पड़ोसी सजातीय किशोरी से प्रेम प्रसंग था। 24 नवंबर को दीपक का शव उसी के घर में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था। पिता ने किशोरी और उसके पिता पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। इस पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की थी। पिता ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने डीजीपी को पिता पुत्री पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ मामले की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए थे।
इसी मामले में दो दिन पहले पुलिस ने तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बृहस्पतिवार को एसआईटी टीम ने घटनास्थल की जांच की थी। शुक्रवार को आईजी तरुण गाबा के नेतृत्व में हरदोई के एएसपी नृपेंद्र सिंह, रायबरेली सीओ शेषमणि उपाध्याय, इंस्पेक्टर इंद्रपाल सेंगर, जितेंद्र सिंह और दरोगा सदाकत हुसैन दोपहर 12:20 बजे मृतक के गांव पहुंचे। आईजी ने मृतक के परिजनों में पिता, मां फूलकुमारी, तीन बहन और एक भतीजे के बयान दर्ज किए।
पिता ने आईजी को बताया कि घटना के बाद पुलिस ने उनकी एक न सुनी। इससे उसे न्याय न मिल सका। आईजी ने पड़ोसियों से मृतक और किशोरी के रिश्तों को लेकर बातचीत की।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी पिता और किशोरी के फरार है। पुलिस ने घर का ताला तुड़वाकर करीब 15 मिनट तक घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। उसके बाद एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना भी पहुंच गए। करीब 48 मिनट जांच करने के बाद आईजी सभी के साथ वन विभाग के कार्यालय पहुंचे। वहां एसपी, सीओ संतोष सिंह, कोतवाल राजेश्वर त्रिपाठी सहित एसआईटी टीम में शामिल सदस्यों से करीब डेढ़ घंटे तक घटना और जांच से संबंधित बातचीत की। उसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे आईजी लखनऊ निकल गए। आईजी के जाने के बाद एसआईटी हसनगंज में ही डटी हुई है।
आईजी तरुण गाबा ने बताया कि हर बिंदु पर जांच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई होगी।
कोतवाल पर आरोप, परिजनों को बोला नाली का कीड़ा
आईजी तरुण गाबा जब मृतक के परिजनों से बात कर रहे थे तभी मृतक के पिता रामप्रसाद और फूलकुमारी फफक कर रो पड़ीं। बोली साहब मेरा ही बेटा गया था और कोतवाली में जब शिकायत करने पहुंची तो कोतवाल ने हम लोगों को नाली का कीड़ा बताते हुए दुत्कार कर भगा दिया। यह भी कहा कि नाली के कीड़े हो नाली में ही मरोगे। आईजी ने उन्हें ढांढस बंधाया कि परेशान न हो हर बिंदु पर जांच होगी। जो भी इसमें दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।