संवाद न्यूज एजेंसी
सफीपुर। ढाई महीने पहले ठाकुर द्वारा मंदिर से चोरी हुई राधा-कृष्ण की मूर्तियों को चोर बुधवार रात गांव के बाहर नहर पटरी पर फेंक गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने मूर्तियों को कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है। पुलिस को शक है कि घटना में गांव या आसपास के किसी व्यक्ति का हाथ है।
माखी थानाक्षेत्र के कोरारी खुर्द के मजरा जोधाखेडा स्थित सौ साल से अधिक पुराने ठाकुरद्वारा मंदिर से 12 मार्च 2023 की रात राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इसी गांव निवासी अनुभव सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि घर के सामने उनका पैतृक, प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर है।
मंदिर में राधा-कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित थीं। मंदिर में प्रतिदिन पूजा पाठ भी होता था। लेकिन चोर ताला तोड़कर दोनों मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच कर रही थी। गुरुवार सुबह मंदिर से पांच सौ मीटर दूर कटका बाबा मंदिर जाने वाले रास्ते में दोनों मूर्तियां पड़ी मिलीं।
सूचना पर माखी थाने से दरोगा भगत सिंह पहुंचे और जांच की। राधा की मूर्ति की दोनों भुजाएं कटी हैं। माना जा रहा है कि चोर ने धातु का परीक्षण व पहचान कराने के लिए ऐसा किया है। थानाध्यक्ष वीरबहादुर सिंह ने बताया अज्ञात के खिलाफ मूर्तियां चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज है। मूर्तियां नहर के पास मिली हैं। न्यायालय के आदेश पर धातु पहचान के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। चोर का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने खंगाले थे जंगल और तालाब
प्राचीन ठाकुरद्वारा से मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस ने गांव के आसपास के जंगलों की खाक छानी थी। लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में मूर्तियों को छिपाने के इरादे से गांव के तालाब में फेंकने के शक में पुलिस ने तीन दिन तक तालाब को भी खंगाला था लेकिन सफलता नहीं मिली थी।