उन्नाव। दहेज हटवा के एक मुकदमे में न्यायालय ने दोषी पति को उम्रकैद और मृतका की सास, देवर सहित चार को सात साल कैद की सजा सुनाई है।
बिहार थाना निवासी रामलाल ने चार नवंबर 2014 को बिहार थाने में बेटी हेमलता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामलाल ने बताया कि उसने बेटी हेमलता का विवाह भगवंतनगर निवासी सुधीर उर्फ चट्टान से 2012 में किया था।
शादी के कुछ दिन बाद से ही दहेज की मांग को लेकर ससुरालीजन उसे प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद एक अक्तूबर 2014 को संदिग्ध परिस्थितियों में बेटी की मौत हो गई।
मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति सुधीर, देवर रामप्रकाश, रज्जन कुमार, दुर्गाप्रसाद, देवरानी गीता, सास रामप्यारी पर दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक तत्कालीन सीओ बीघापुर गोपीनाथ सोनी ने 16 जून 2016 को न्यायालय में सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा की दलीलों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने मृतका के पति सुधीर उर्फ चट्टान को उम्रकैद की सजा सुनाई।
जबकि उसका साथ देने में देवर रामप्रकाश, रज्जन कुमार, सास रामप्यारी और जेठानी गीता को सात साल कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने सभी पर आठ-आठ हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। जबकि आरोपी दुर्गा प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया।