उन्नाव। भतीजी से छेड़छाड़ का दोष साबित होने पर न्यायालय ने पीड़िता के चाचा को पांच साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार का अर्थदंड लगाया गया है।
माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने चार सितंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी तीन साल की बेटी से उसके ही भाई (बच्ची के चाचा) ने छेड़छाड़ की। बच्ची का रोना सुनकर पत्नी पहुंची तो आरोपी भाग निकला। तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। विवेचक ने साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की दलील व साक्ष्य के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।
मारपीट करने वाले पर पांच हजार का जुर्माना
उन्नाव। मारपीट के एक मामले में न्यायाधीश ने युवक को दोषी पाते हुए पांच हजार का जुर्माना लगाया है। हालांकि उसे अनुसूचित जाति उत्पीड़न में दोषमुक्त किया है।
सदर कोतवाली के गदनखेड़ा निवासी मंशाराम की तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले भंड तिवारी पर एससी-एसटी और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचक शैलेश यादव ने जांच में आरोपी को दोषी पाते हुए एससी-एसटी न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। गुरुवार को मुकदमे की हुई अंतिम सुनवाई में अभियोजन पक्ष से मनोज कुमार पांडेय की पैरवी और दलीलों से न्यायाधीश सत्यवान सिंह ने भंड तिवारी को मारपीट का दोषी मानते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। (संवाद)