उन्नाव। जानलेवा हमले में तीन दोषियों को न्यायालय ने पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
बारासगवर थानाक्षेत्र में वर्ष 2013 में धनुषभंग के दौरान मंच के पास खड़े होने की बात पर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस दौरान फिरोजाबाद के राहतपुर निवासी पोलू उर्फ हृदेश कुमार ने अपने साथी बारासगवर के नसीरपुर में रहने वाले धुन्नर और प्रमोद तिवारी के साथ मिलकर राधेश्याम को गोली मार दी थी। गोली राधेश्याम के सीने में लगी थी। बारूद लगने से कल्लू घायल हो गया था। घायल राधेश्याम के साथी बारासगवर के एकघरा निवासी लवलेश ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। एडीजीसी क्रिमिनल यशवंत सिंह की दलील और साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने पोलू, धुन्नर और प्रमोद को जानलेवा हमले का दोषी माना। तीनों दोषियों को जानलेवा हमले में पांच पांच साल कैद की सजा सुनाई है। जबकि आर्म्स एक्ट में पोलू को तीन साल की सजा सुनाई गई है।