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Unnao News: पहले थमाया जाता भारी भरकम बिल, फिर संशोधन के नाम पर सौदेबाजी

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उन्नाव। बिजली विभाग में बिल संशोधन के नाम पर खूब खेल हो रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो पहले उपभोक्ताओं को भारीभरकम बिल भेजा जाता है। फिर लोगों को संशोधन कराने के नाम पर कार्यालय के चक्कर लगवाए जाते हैं। जब वह थक जाता है, तब संशोधन के नाम पर सौदेबाजी की जाती है। जो दे देता है, उसका बिल संशोधित करके दिया जाता है। जो नहीं देता है, उसे कनेक्शन काटने और बकाये का डर दिखाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। ऐसे ही कुछ उपभोक्ताओं से अमर उजाला ने बातचीत की, जिन्होंने बिल संशोधन के नाम पर हो रहे खेल की जानकारी दी।
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केस-एक
बेथर निवासी अंकित अवस्थी ने बताया कि उनके बाबा बृज किशोर अवस्थी के नाम पर बिजली का कनेक्शन है। जुलाई माह में जिसका बिल 31,027 रुपये आया था। तभी बिल संशोधित कराने का प्रार्थनापत्र दिया था। आज संशोधन के बाद बिल 36 हजार रुपये का होने की जानकारी दी गई।
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केस-दो
अचलगंज कस्बा निवासी चांद बेगम ने बताया कि तीन महीने पहले उनका बिल 13 हजार रुपये आया था। बिजली विभाग में संशोधन के लिए प्रार्थनापत्र दिया। अक्तूबर माह में बात की तो बिल 52,548 रुपये का बनकर आ गया है। जिसे जमा करने में परेशानी हो रही है।
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केस-तीन
नगर पंचायत फतेहपुर चौरासी के सुभाष नगर पूर्वी निवासी जुल्फिकार अली ने बताया कि घर का बिजली बिल दो माह का 19,823 रुपये आया था। जब दौड़-भाग की और हारकर सितंबर में पोर्टल पर शिकायत कर दी, तब बिल संशोधित होकर 2882 रुपये कर दिया गया।

केस-चार
बंदाखेड़ा के मजरा धत्ताखेड़ा निवासी राजेंद्र ने बताया कि उसका घरेलू कनेक्शन है। वह बाहर रहते हैं। बंद घर में बिजली का उपभोग नहीं है, फिर भी 16 जून को 18,688 रुपये का बिल आया। 30 सितंबर को बिल 44684 रुपये हो गया। अब संशोधन के लिए दौड़ लगा रहे हैं।

केस-पांच
थाना बेहटामुजावर के गांव अकबरखेड़ा निवासी मेवालाल ने बताया कि उसका घरेलू बिजली कनेक्शन है। दो माह पहले दो माह का बिल 1.16 लाख रुपये आया था। एक माह पूर्व तकिया पावरहाउस में लाइनमैन उसके घर आया और सिर्फ 45 हजार रुपये देने की बात की। जिस पर उसने रुपये उसे दे दिए। एक महीने बाद भी जब बिजली बिल फाइनल नहीं हुआ तो उससे पैसे वापस करने को कहा। उसने पैसे न करने की बात कही।

केस-छह
सफीपुर के राजीवपुरम निवासी दोनों आंखों से दिव्यांग सर्वेश ने बताया कि पत्नी मंजू के नाम बिजली कनेक्शन है। तीन साल से बिना रीडिंग का गलत बिल आ रहा है। कई प्रार्थनापत्र दिए लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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